
AI क्रांति का केंद्र बनेगा भारत… AI Impact Summit सुंदर पिचाई का बड़ा बयान
India AI Impact Summit 2026: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पिचाई India AI Impact Summit 2026 में शामिल होने के लिए भारत आए हैं. इस दौरान गूगल ने भारत को बड़ी सौगात दी है. गूगल ने घोषणा की कि वह भारत में अपने प्लान किए गए AI हब से नए सबसी (subsea) केबल बनाएगा. सुंदर पिचाई एआई समिट में 20 फरवरी को कीनोट स्पीच देने वाले हैं. भारत आते ही उन्होंने कहा कि AI इम्पैक्ट समिट के लिए भारत वापस आकर अच्छा लग रहा है.
AI से दुनिया में बड़े बदलाव की तैयारी
गूगल के सीईओ ने कहा कि जिस तरह इंटरनेट और मोबाइल तकनीक ने दुनिया को बदला, उसी तरह AI आने वाले वर्षों में हर क्षेत्र को प्रभावित करेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और शासन व्यवस्था तक में AI की भूमिका तेजी से बढ़ेगी। उनके मुताबिक यह तकनीक लोगों के काम करने, सीखने और जीवन जीने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी।
भारत के लिए “असाधारण अवसर”
सुंदर पिचाई ने भारत की युवा आबादी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि देश के पास AI के क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि भारत का “असाधारण सफर” अभी शुरू हुआ है और आने वाले समय में यह वैश्विक AI नवाचार का बड़ा केंद्र बन सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल भुगतान, आधार और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसे बड़े बदलाव पहले ही दिखा चुके हैं कि देश नई तकनीकों को तेजी से अपनाता है। यही गति AI के क्षेत्र में भी देखने को मिलेगी।
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गूगल का भारत पर विशेष फोकस
पिचाई ने बताया कि Google भारत में AI आधारित टूल, भाषा तकनीक और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने पर काम कर रहा है। खासतौर पर भारतीय भाषाओं में AI मॉडल विकसित करना कंपनी की प्राथमिकता है ताकि तकनीक का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार और सुरक्षित AI विकास जरूरी है। इसके लिए सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत को मिलकर काम करना होगा।
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वैश्विक सहयोग पर जोर
समिट में पिचाई ने देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि AI की शक्ति का सही उपयोग तभी संभव है, जब इसे पारदर्शिता और नैतिकता के साथ विकसित किया जाए। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश इस दिशा में उदाहरण बन सकते हैं।
समिट में दुनियाभर के नीति निर्माताओं, टेक कंपनियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। माना जा रहा है कि इस आयोजन से भारत की AI नीति, निवेश और वैश्विक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुंदर पिचाई के इस बयान से स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में भारत AI विकास, स्टार्टअप, रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
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