
Share Market: Israel-Iran जंग से बिखरा शेयर बाजार, झटके में 6 लाख करोड़ स्वाहा
Share Market Crash: सोमवार शुरुआती कारोबार में निफ्टी 533.55 अंक गिरकर 24,645.10 के स्तर पर आ गया है, जबकि सेंसेक्स 2,743.46 अंक गिरकर 78,543.73 पर पहुंचा गया।
Share Market Crash: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्स 2743 अंक या 3.38% टूटकर 78543 पर खुला, जबकि निफ्टी 519 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 24659 अंक पर खुला. बैंक निफ्टी में 1300 अंकों से ज्यादा की गिरावट रही।
हालांकि कुछ देर बाद ही शेयर बाजार संभला हुआ नजर आया. सेंसेक्स 1000 अंंक या 1.21 फीसदी गिरकर 80,282 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 300 अंक टूटकर 24900 के नीचे था.
इसके अलावा, कच्चे तेल के दाम में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जंग और आगे बढ़ती है तो गिरावट ज्यादा हावी हो सकती है. वहीं कच्चा तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं.
शेयर बाजार हुआ क्रैश
जिस तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट देखने को मिल सकती है, वैसा ही देखने को मिला. सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3.30 फीसदी यानी 2,743.46 अंकों की गिरावट के साथ ओपन हुआ और सेंसेक्स 78,543.73 अंकों पर ओपन हुआ. यही दिन का सबसे बड़ा लोअर लेवल भी है. खास बात तो ये है कि 21 अप्रैल 2025 को आखिरी बार सेंसेक्स 78,500 अंकों के लेवल पर दिखाई दिया था. इसका मतलब है कि सेंसेक्स करीब 11 महीने के लोअर लेवल पर दिखाई दिया है. वैसे सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर सेंसक्स 705.06 अंकों की गिरावट के साथ 80,582.13 अंकों पर कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है.
वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी बड़ी गिरावट के साथ ओन हुआ. आंकड़ों को देखें तो निफ्टी में कारोबारी सत्र के दौरान 533.55 अंकों की गिरावट देखने को मिली और 24,645.10 अंकों के साथ लोअर लेवल पर दिखाई दिया. निफ्टी वैसे 525 अंकों से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ ओपन हुआ है और 24,659.25 अकों पर दिखाई दिया. आंकड़ों को देखें तो निफ्टी सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर 232.55 अंकों की गिरावट के साथ 24,945.10 अंकों पर कारोबार कर रहा था. 1 अक्टूबर के बाद निफ्टी 24,600 अंकों के लेवल पर दिखाई दिया है।
6 लाख करोड़ डूबे
शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेश्कों को आज तगड़ा नुकसान हुआ. बीएसई मार्केट कैप में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुकवार को बीएसई मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये पर था, जो सोमवार को घटकर 457.50 लाख के करीब पहुंच गया. यह निवेशकों की वैल्यूवेशन में 6 लाख करोड़ रुपये की कमी है.
इन शेयरों में आई बड़ी गिरावट
सेंसेक्स पर इंडिगो, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), इटरनल, अडानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स टॉप लूजर में से थे, जो 2-4 फीसदी की रेंज में गिरे. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर ही अकेले ऐसे थे जो 1 फीसदी से थोड़ा ज़्यादा बढ़े क्योंकि बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन ने डिफेंस स्टॉक्स के लिए इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट बढ़ाया. NSE पर सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी टॉप लूजर रहा, जो लगभग 2 फीसदी गिरा, जबकि निफ्टी ऑटो, निफ्टी IT, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई.
मिडिल ईस्ट में युद्ध बढ़ा
ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध और बढ़ता गया. 86 साल के लीडर की वीकेंड में मौत हो गई, कहा जा रहा है कि US और इजराइल ने उन पर मिसाइल अटैक किया. उनके परिवार के चार सदस्य, जिनमें उनकी बेटी और एक पोता भी शामिल है, मारे गए. इसके बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट के बड़े इलाकों में जवाबी हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट के तेल से भरपूर इलाके में बड़े पैमाने पर दुश्मनी फैल गई.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि वेस्ट एशिया में युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता जल्द ही मार्केट पर भारी पड़ेगी. इस बीच, वेल्थ मिल्स सिक्योरिटीज की क्रांति बथिनी ने कहा कि किसी को भी मिडिल ईस्ट, खासकर UAE में बढ़ते तनाव की उम्मीद नहीं थी. इसलिए इसका शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में फाइनेंशियल मार्केट पर बुरा असर पड़ेगा.





