
ईरान नहीं झुकेगा…“लंबी लड़ाई के लिए तैयार”, अमेरिका-इजराइल को चेतावनी
Middle East Tension: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। अमेरिका और इजराइल के साथ जारी संघर्ष पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के विशेष प्रतिनिधि अयातुल्लाह अब्दुल मजीद हाकिम इलाही ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान न सिर्फ जवाबी कार्रवाई कर रहा है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दो से तीन साल तक युद्ध जारी रखने की क्षमता भी रखता है।
लगातार बढ़ रहा टकराव
28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह युद्ध अब पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुका है। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। राजधानी तेहरान समेत कई अहम ठिकानों पर एयरस्ट्राइक हुई हैं, जबकि जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों ठिकानों पर हमले हुए हैं और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।
“हम पड़ोसियों नहीं, अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे”
अयातुल्लाह इलाही ने इंटरव्यू में कहा कि ईरान का मकसद क्षेत्रीय देशों को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है, जहां से हमले किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध सिर्फ सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि तेल और गैस संसाधनों पर नियंत्रण की लड़ाई भी है।
“ईरान झुकेगा नहीं, जनता तैयार”
इलाही के मुताबिक, ईरान की जनता इस संघर्ष को “अस्तित्व की लड़ाई” मान रही है। उन्होंने दावा किया कि
- देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए
- लोग युद्ध के खिलाफ नहीं, बल्कि जवाबी कार्रवाई के समर्थन में हैं
- “90 मिलियन लोग अपने देश के लिए खड़े हैं”
उन्होंने कहा कि यदि नेतृत्व पर हमले होते हैं, तब भी ईरान पीछे नहीं हटेगा और नया नेतृत्व सामने आता रहेगा।
नेतृत्व पर हमले, लेकिन सिस्टम कायम
युद्ध के दौरान ईरान को बड़ा झटका तब लगा जब उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या कर दी गई। इसके बाद कई शीर्ष अधिकारी भी हमलों में मारे गए, जिनमें अली लारीजानी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
इसके बावजूद अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की सत्ता संरचना अभी भी कायम है और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का नियंत्रण मजबूत हुआ है।
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कितनी लंबी चलेगी जंग?
युद्ध की अवधि को लेकर दुनिया भर में सवाल उठ रहे हैं।
- इजराइल का कहना है कि जंग तब तक चलेगी जब तक उसके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते
- वहीं ईरान का दावा है कि वह लंबी लड़ाई के लिए तैयार है
इलाही के अनुसार,
“यह संघर्ष जल्दी खत्म होने वाला नहीं है… ईरान के पास इसे लंबे समय तक जारी रखने की क्षमता है।”
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वैश्विक असर: तेल, अर्थव्यवस्था और राजनीति
इस युद्ध का असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है—
- होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने से तेल आपूर्ति पर असर
- वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल
- कई देशों में आर्थिक दबाव बढ़ा
ईरान के प्रतिनिधि का यह बयान साफ करता है कि यह संघर्ष अब लंबे और खतरनाक युद्ध में बदल सकता है। जहां एक ओर अमेरिका और इजराइल अपने रणनीतिक लक्ष्यों पर अड़े हैं, वहीं ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा।
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