Petrol-Diesel Price: तेल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, क्या जनता को मिलेगी राहत

Petrol-Diesel Price: सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क ₹13 से ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से शून्य कर दिया है। इस कटौती से ईंधन की कीमतें कम होने की उम्मीद है।

Petrol-Diesel Price: भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पहले पेट्रोल पर 13 रुपये लीटर था और डीजल पर 10 रुपये था। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा हुआ है।

घरेलू तेल कंपनियों को बड़ी राहत

सरकार ने पेट्रोल पर टैक्स शून्य रखा है, जबकि डीजल पर ₹18.5 प्रति लीटर की दर तय की गई है. निर्यात के लिए पेट्रोल, डीजल और ATF पर कई शुल्कों से छूट दी गई है. इसके अलावा 2022 में लागू विंडफॉल टैक्स को भी खत्म कर दिया गया है, जिससे घरेलू तेल कंपनियों को राहत मिलेगी. ये सभी बदलाव 26 मार्च 2026 से तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं.

वित्त मंत्री ने दी जानकारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) ₹10 प्रति लीटर तक घटा दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य बढ़ती वैश्विक कीमतों के असर से देश के लोगों को बचाना और घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखना है।

सरकार ने सिर्फ घरेलू कीमतों पर ही नहीं, बल्कि सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर भी कदम उठाए हैं। डीजल के निर्यात पर ₹21.5 प्रति लीटर और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) पर ₹29.5 प्रति लीटर की ड्यूटी लगाई गई है। इसका मकसद यह है कि देश के भीतर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध रहे और किसी तरह की कमी न हो।

क्या कम होंगे पेट्रोल और डीजल के दाम

पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या दोनों की कीमतें भी कम होगी? आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर उतनी राहत भरी नहीं हो सकती, जितनी दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक पंप पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना कम है.

इसका मुख्य कारण तेल कंपनियों को हो रहा भारी घाटा है. वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं. इस कारण भारतीय तेल कंपनियां हर लीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर करीब 48.8 रुपये का नुकसान उठा रही हैं. सरकार की ओर से दी गई 10 रुपये की राहत से कंपनियां अपने घाटे को कम करेंगी.

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