UP में शराबियों की संख्या में बंपर उछाल, अलीगढ़ ने गटकी ₹1015 करोड़ की शराब…

UP Alcohol Consumption: उत्तर प्रदेश में शराब की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट और आबकारी विभाग के आंकड़ों ने इस बढ़ोतरी की तस्वीर साफ कर दी है।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में शराब पीने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। वहीं अलीगढ़ शहर शराब की खपत को लेकर चर्चा में आ गया है, जहां लोगों ने एक वर्ष में 1015 करोड़ रुपये से अधिक की शराब गटक ली।

आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में शराब पीने वाले पुरुषों का प्रतिशत 14.5 फीसदी से बढ़कर 18.7 फीसदी पहुंच गया है। यह वृद्धि देश के प्रमुख राज्यों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और बढ़ती सामाजिक स्वीकार्यता के कारण शराब की खपत में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

अलीगढ़ में रिकॉर्ड बिक्री
आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में अलीगढ़ में शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया। शहरवासियों ने एक साल में 1015 करोड़ रुपये से अधिक की शराब खरीद ली। इसमें अंग्रेजी शराब, देशी शराब और बीयर की बिक्री शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ मई महीने में ही करीब 19.50 लाख बीयर कैन की खपत दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है।

पिछले साल से ज्यादा खर्च
चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2024-25 में लोगों ने पिछले साल की तुलना में शराब पर 144 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए। इससे साफ संकेत मिलता है कि शराब की मांग लगातार बढ़ रही है।

अलीगढ़ में कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, बीयर शॉप और देशी शराब की दुकानों से आबकारी विभाग को भारी राजस्व प्राप्त हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शहर में शराब बिक्री का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।

सरकार को बढ़ा राजस्व
शराब की बढ़ती बिक्री से राज्य सरकार के राजस्व में भी बड़ा इजाफा हुआ है। आबकारी विभाग प्रदेश सरकार की आय का एक बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि शराब बिक्री में बढ़ोतरी का सीधा फायदा सरकारी खजाने को मिल रहा है।

हालांकि बढ़ती शराब खपत को लेकर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शराब सेवन में बढ़ोतरी से कई प्रकार की बीमारियों और सामाजिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

युवाओं में बढ़ रहा चलन
विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं और शहरी आबादी में शराब सेवन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पार्टी संस्कृति, सामाजिक आयोजनों और लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण बीयर और प्रीमियम शराब की मांग बढ़ी है।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी देशी शराब की खपत में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। यही वजह है कि प्रदेशभर में शराब दुकानों की बिक्री लगातार बढ़ रही है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता
डॉक्टरों और सामाजिक संगठनों ने शराब की बढ़ती खपत को चिंता का विषय बताया है। उनका कहना है कि अत्यधिक शराब सेवन से लीवर, हृदय और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों ने सरकार से जागरूकता अभियान चलाने और नशा मुक्ति कार्यक्रमों को मजबूत करने की मांग की है, ताकि युवाओं को शराब की लत से बचाया जा सके।

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आगे और बढ़ सकती है खपत
आबकारी विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में शराब की बिक्री का आंकड़ा और बढ़ सकता है। त्योहारों और शादी सीजन के दौरान बिक्री में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

ऐसे में एक तरफ जहां सरकार को राजस्व लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती शराब खपत सामाजिक और स्वास्थ्य के लिहाज से नई चुनौतियां भी खड़ी कर रही है।

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