
TCS कांड में सियासी एंगल! AIMIM के पूर्व सांसद पर जांच एजेंसियों की नजर…
Nashik TCS Case: टीसीएस कंपनी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण और निदा खान मामले की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अब अपने दायरे का विस्तार करते हुए कई नए लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में Imtiaz Jaleel का नाम भी चर्चा में आया है और सूत्रों के मुताबिक उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरार रहने के दौरान निदा खान को किसने मदद पहुंचाई, उसके ठहरने की व्यवस्था किसने की और उस दौरान उसके संपर्क किन-किन लोगों से रहे। इस मामले में पहले ही मतीन पटेल से तीन बार लंबी पूछताछ की जा चुकी है।
मतीन पटेल से कई दौर की पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, SIT ने मतीन पटेल से गहन पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। जांच अधिकारियों ने उनसे निदा खान के संपर्कों, ठिकानों और कथित मददगारों को लेकर सवाल किए। बताया जा रहा है कि उनके बयानों के आधार पर जांच का दायरा अब राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों तक भी पहुंच गया है।
हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है।
इम्तियाज जलील का नाम आने से बढ़ी सियासी हलचल
पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जांच एजेंसियां उनसे किस आधार पर पूछताछ करना चाहती हैं। सूत्रों का कहना है कि SIT मामले से जुड़े सभी संभावित संपर्कों और कड़ियों को खंगाल रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि फरार अवधि के दौरान मिले सहयोग और नेटवर्क की जानकारी से मामले के कई अहम पहलुओं का खुलासा हो सकता है।
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कई एंगल से हो रही जांच
SIT इस मामले में यौन उत्पीड़न, कथित धर्मांतरण, आर्थिक लेनदेन और संपर्कों के नेटवर्क समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है। डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच एजेंसियां इस मामले में किसी भी संभावित कड़ी को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं।
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आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल SIT या संबंधित एजेंसियों की ओर से इम्तियाज जलील को नोटिस भेजे जाने की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं राजनीतिक दलों की ओर से भी इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि SIT की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या इस मामले में नए खुलासे सामने आते हैं।
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