खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे PM मोदी? ईरान ने भेजा निमंत्रण…

Ali Khamenei’s funeral Invitation to PM Modi: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश में पांच दिनों तक चलने वाले राष्ट्रीय शोक और अंतिम संस्कार कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच ईरान सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है।

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन की ओर से यह निमंत्रण नई दिल्ली को भेजा गया है। हालांकि, भारत सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक इस निमंत्रण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सूत्रों का कहना है कि अंतिम संस्कार कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों, प्रधानमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में यह समारोह केवल धार्मिक या राष्ट्रीय आयोजन न होकर वैश्विक कूटनीतिक महत्व का कार्यक्रम भी माना जा रहा है।

5 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 5 जुलाई से होगी। इसके तहत देशभर में शोक सभाएं, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

7 जुलाई को ईरान के पवित्र शहर क़ोम में विशेष शोक सभाओं और धार्मिक रस्मों का आयोजन किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में धार्मिक नेताओं, राजनीतिक प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के पहुंचने की उम्मीद है।

36 वर्षों तक संभाली थी सर्वोच्च नेतृत्व की जिम्मेदारी
अयातुल्ला अली खामेनेई पिछले 36 वर्षों से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर आसीन रहे और उन्होंने देश की विदेश नीति, सुरक्षा रणनीति तथा क्षेत्रीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्हें ईरान की इस्लामिक व्यवस्था का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता था।

उनके नेतृत्व में ईरान ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों, परमाणु विवादों और क्षेत्रीय संघर्षों जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संकटों का सामना किया।

हवाई हमलों में हुई थी मौत
सूत्रों के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई की मृत्यु इस वर्ष 28 फरवरी को तेहरान पर हुए इजरायली और अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान हुई थी। इस घटना के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था और कई देशों ने स्थिति को लेकर चिंता जताई थी।

ईरान ने उस समय इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

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भारत-ईरान संबंधों पर रहेंगी नजरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया निमंत्रण भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बना हुआ है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत इस उच्चस्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री स्तर पर प्रतिनिधित्व करेगा या फिर किसी अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि को भेजा जाएगा।

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वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनेगा तेहरान
विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम संस्कार समारोह में दुनिया भर के नेताओं की संभावित मौजूदगी के कारण तेहरान आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत का अवसर भी बन सकता है।

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