
Share Market: शेयर बाजार में छाई हरियाली, 400 अंक के करीब चढ़ा सेंसेक्स
Share Market Updates 25 June: आज घरेलू शेयर बाजार में बंपर तेजी देखी जा रही है। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
Share Market Updates 25 June: भारतीय घरेलू शेयर बाजार (Stock Market) में आज लगातार दूसरे दिन तूफानी तेजी का सिलसिला जारी है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और आईटी (IT) सेक्टर में आई बंपर खरीदारी के दम पर बाजार के दोनों मुख्य सूचकांक हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं।
शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 399 अंक उछलकर 77,391 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 104 अंकों की बढ़त के साथ 24,125 के स्तर पर शुरुआत करने में कामयाब रहा, जिसने 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है।
IT शेयरों में आई बंपर तेजी
बाजार में आई इस तेजी के पीछे अमेरिकी टेक और सेमीकंडक्टर बाजार से आए अच्छे नतीजे हैं। अमेरिकी चिपमेकर कंपनी ‘माइक्रोन’ (Micron) के शानदार तिमाही नतीजों और ‘क्वालकॉम’ (Qualcomm) के बेहतरीन अर्निंग आउटलुक की वजह से पूरी दुनिया, खासकर एशियाई बाजारों में बंपर उछाल देखने को मिला।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण भारतीय आईटी दिग्गजों में भी जबरदस्त खरीदारी हो रही है। आज के कारोबार में TCS, Infosys और Wipro जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर शानदार बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
जापान का निक्केई 225 3.37% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इसमें 4.89% से 5.5% तक का तगड़ा उछाल देखा गया।
वॉल स्ट्रीट पर भी मजबूती का रुख है। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.5% और Nasdaq 100 फ्यूचर्स में 1.9% की तेजी दर्ज की गई। अमेरिका में निवेशक अब आने वाले महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार के लिए दूसरा सबसे बड़ा बूस्टर डोज कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों का घटना साबित हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) करीब 1.52% टूटकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.6% की कमजोरी के साथ 69.15 से 69.30 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों और तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य हो गई है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं और कीमतें नीचे आई हैं।
अमेरिकी डॉलर और भारतीय रुपया
वैश्विक स्तर पर छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती दिखाने वाला US Dollar Index (DXY) 0.05% चढ़कर 101.64 पर पहुंच गया है। वहीं, बीते कारोबारी सत्र (24 जून) में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.08% मजबूत होकर 94.66 के स्तर पर बंद हुआ था।
आईटी सेक्टर की मजबूत अर्निंग, एशियाई बाजारों में रिकॉर्ड उछाल और कच्चे तेल का सस्ता होना. इन तीन कारणों ने आज भारतीय निवेशकों के चेहरे पर खुशी ला दी है।





