
UP फतह की तैयारी में चिराग पासवान, लखनऊ से भरेंगे चुनावी हुंकार…
Chirag Paswan: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Chirag Paswan 5 जुलाई को राजधानी लखनऊ में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसे उत्तर प्रदेश में पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत और संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजधानी स्थित Indira Gandhi Pratishthan के जुपिटर हॉल में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह सम्मेलन केवल संगठनात्मक बैठक नहीं होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की भविष्य की राजनीतिक रणनीति का रोडमैप भी प्रस्तुत करेगा।
विपक्ष के नैरेटिव पर होगा सीधा हमला
सूत्रों के अनुसार अपने संबोधन में चिराग पासवान विपक्ष, खासकर Indian National Congress और अन्य दलों द्वारा लगातार उठाए जा रहे “संविधान और आरक्षण खतरे में है” वाले मुद्दे पर तीखा पलटवार करेंगे। हाल के दिनों में चिराग पासवान कई सार्वजनिक मंचों से यह कह चुके हैं कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है और संविधान तथा आरक्षण को लेकर भय का माहौल बनाया जा रहा है।
वह यह भी दोहरा सकते हैं कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार संविधान और आरक्षण की पूरी तरह रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इन दोनों विषयों पर किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है।
कांग्रेस पर दलित राजनीति का आरोप
चिराग पासवान अपने भाषण में कांग्रेस पर दलित समाज को केवल चुनावी राजनीति का माध्यम बनाने का आरोप भी लगा सकते हैं। उन्होंने पूर्व में कई बार कहा है कि कांग्रेस ने दशकों तक दलित नेतृत्व का उपयोग तो किया, लेकिन उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए। उनके अनुसार वर्तमान सरकार ने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ सीधे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने के अभियान में जुटी हुई है। पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और युवाओं, दलितों तथा पिछड़े वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना है। सम्मेलन के दौरान जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को आगामी चुनावों को लेकर विशेष जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपनी सक्रियता बढ़ाकर चिराग पासवान राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहते हैं। एनडीए के सहयोगी दल के रूप में उनकी सक्रियता भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का संदेश
हालांकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और अन्य दल लगातार संगठन विस्तार, जनसभाओं और सामाजिक समीकरणों पर काम कर रहे हैं। ऐसे में चिराग पासवान का यह सम्मेलन भी आगामी चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को प्रभावी ढंग से खड़ा करने में सफल रहती है, तो वह एनडीए के लिए कुछ क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा सकती है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी भी बनी चर्चा का विषय
इसी बीच प्रदेश में एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी चर्चा में है। Allahabad High Court ने तीन तलाक और हलाला से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक प्रथाओं की आड़ में किसी भी अपराध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत की इस टिप्पणी ने प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को भी नई दिशा दी है।
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अब सबकी निगाहें लखनऊ सम्मेलन पर
5 जुलाई को होने वाला चिराग पासवान का सम्मेलन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मंच से वह न केवल विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने, संगठन को मजबूत करने और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट संदेश भी देंगे। सम्मेलन के बाद यह साफ हो सकेगा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी भूमिका किस तरह तय करने जा रही है।
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