घर में कुत्ता-बिल्ली पालते हैं तो सावधान! लखनऊ में लागू हुए नए नियम, जानें पूरा प्रावधान…

UP News: लखनऊ नगर निगम की नई उपविधि लागू, बिना लाइसेंस कुत्ता-बिल्ली पालने पर 1 से 5 हजार रुपये तक जुर्माना और पशु जब्ती का प्रावधान

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुत्ता या बिल्ली पालने वाले लोगों के लिए अब नियम पहले से ज्यादा सख्त हो गए हैं। लखनऊ नगर निगम ने पालतू पशुओं को लेकर नई ‘पालतू पशु की अनुज्ञप्ति, नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि, 2025’ जारी की है। नई व्यवस्था के तहत घर में कुत्ता या बिल्ली रखने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माने के साथ पशु को जब्त करने का प्रावधान भी किया गया है।

15 दिन के भीतर नगर निगम को देनी होगी जानकारी
नई उपविधि के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति नया कुत्ता या बिल्ली खरीदता है अथवा अपने घर में पालतू पशु रखता है, तो उसे इसकी जानकारी 15 दिन के भीतर नगर निगम को देनी होगी। इसके बाद संबंधित पालतू पशु के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में पालतू पशुओं की संख्या, उनके स्वामित्व और उनसे जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना है। नगर निगम के पास पालतू पशुओं का रिकॉर्ड उपलब्ध होने से उनके टीकाकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की निगरानी में भी मदद मिल सकती है।

बिना लाइसेंस पालतू पशु रखने पर जुर्माना
नई व्यवस्था में बिना लाइसेंस कुत्ता या बिल्ली पालना महंगा पड़ सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा गंभीर या लगातार नियम उल्लंघन की स्थिति में नगर निगम को पालतू पशु को जब्त करने का अधिकार भी दिया गया है। ऐसे में पालतू पशु रखने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते लाइसेंस संबंधी प्रक्रिया पूरी करें और नगर निगम के नियमों का पालन करें।

घर के आकार के हिसाब से तय होगी पालतू पशुओं की संख्या
नई उपविधि में सिर्फ लाइसेंस की व्यवस्था ही नहीं की गई है, बल्कि घर के आकार को भी ध्यान में रखा गया है। यानी किसी मकान या आवासीय परिसर में कितने पालतू पशु रखे जा सकते हैं, इसकी सीमा निर्धारित की जाएगी।

इस प्रावधान का उद्देश्य छोटे घरों या सीमित जगह वाले आवासों में अत्यधिक संख्या में पशु रखने से होने वाली समस्याओं को नियंत्रित करना है। इससे पशुओं की देखभाल, स्वच्छता और आसपास रहने वाले लोगों की सुविधा को भी ध्यान में रखा जा सकेगा।

पुराने नियमों में किया गया संशोधन
लखनऊ नगर निगम ने पालतू पशुओं से संबंधित वर्ष 2004 में लागू उपविधि में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। बदलते शहरी माहौल और शहर में बढ़ती पालतू पशुओं की संख्या को देखते हुए नियमों को अपडेट किया गया है।

नई उपविधि में पालतू पशुओं के स्वामित्व, लाइसेंस, नियंत्रण और नियमन से संबंधित प्रावधानों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पालतू पशुओं को लेकर नगर निगम की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।

पालतू पशु मालिकों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
लखनऊ में कुत्ता या बिल्ली पालने वाले लोगों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पालतू पशु का नगर निगम में आवश्यक रिकॉर्ड दर्ज हो और लाइसेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी हों। नया पशु रखने पर 15 दिन की समयसीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।

इसके साथ ही पालतू पशुओं से संबंधित नगर निगम के अन्य नियमों का भी पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माने या अन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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क्यों जरूरी की गई नई व्यवस्था?
शहरों में पालतू पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही पशुओं से जुड़ी शिकायतें, स्वच्छता, सार्वजनिक स्थानों पर नियंत्रण और पशु कल्याण जैसे मुद्दे भी सामने आते हैं। ऐसे में नगर निगम के स्तर पर पालतू पशुओं का रिकॉर्ड तैयार करना प्रशासन के लिए उपयोगी हो सकता है।

नई व्यवस्था के जरिए नगर निगम यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पालतू पशु रखने वाले लोग निर्धारित नियमों का पालन करें और पशुओं की जिम्मेदारी से देखभाल करें।

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लखनऊ के पालतू पशु मालिकों के लिए जरूरी संदेश
अगर आप लखनऊ में कुत्ता या बिल्ली पालते हैं या नया पालतू पशु घर लाने की योजना बना रहे हैं, तो नगर निगम की नई उपविधि के प्रावधानों की जानकारी जरूर लें। खासतौर पर 15 दिन के भीतर सूचना देने और लाइसेंस लेने से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होगा। बिना लाइसेंस पशु रखने पर लगने वाले जुर्माने और जब्ती के प्रावधान को देखते हुए लापरवाही करना भारी पड़ सकता है।

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