
‘चीनी 40% महंगी’ खरगे के दावे पर BJP का पलटवार, अमित मालवीय ने बताए आंकड़े
Mallikarjun Kharge on Sugar Price Hike: मल्लिकार्जुन खरगे ने चीनी की बढ़ती कीमतों और E20 को लेकर केंद्र पर सवाल उठाए, अमित मालवीय ने उत्पादन और घटते स्टॉक को बताया असली वजह।
Sugar Price Hike: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार, 22 अगस्त को चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने चीनी के दामों में बढ़ोतरी के साथ-साथ इथेनॉल और E20 पेट्रोल को लेकर भी सरकार से सवाल किए। खरगे के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आंकड़ों के जरिए पलटवार किया है।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खरगे के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीनी की कीमत, स्टॉक और आयात को E20 से जोड़ना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन आंकड़े इस दावे की पुष्टि नहीं करते।
खरगे ने चीनी की कीमतों और E20 पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया। उन्होंने इथेनॉल उत्पादन और E20 ईंधन नीति के प्रभाव को भी चीनी की उपलब्धता और कीमतों से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।
खरगे का दावा है कि चीनी की कीमतों में करीब 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सरकार की इथेनॉल नीति और E20 मिश्रण को लेकर भी सवाल खड़े किए।
अमित मालवीय ने आंकड़ों के साथ दिया जवाब
खरगे के बयान पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि मौजूदा स्थिति को केवल E20 से जोड़कर देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि चीनी का आयात उत्पादन, खपत, स्टॉक और कीमतों के संतुलन को ध्यान में रखकर तय किया जाता है।
मालवीय के मुताबिक, चीनी के मौजूदा बाजार दबाव की प्रमुख वजह उत्पादन में गिरावट, स्थिर खपत और घटता क्लोजिंग स्टॉक है।
चीनी की कीमत, स्टॉक और आयात को E20 से जोड़ना सुविधाजनक राजनीति है, लेकिन आंकड़े इसकी पुष्टि नहीं करते।
1. “9 साल का सबसे कम स्टॉक क्यों? 10 लाख टन आयात क्यों?”
क्योंकि आयात का फैसला Sugar Balance से होता है, उत्पादन, consumption, stocks और prices से, E20 से नहीं।
2025-26 का… https://t.co/oNXs7kU37w
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 22, 2026
2025-26 में उत्पादन अनुमान में बड़ी गिरावट
अमित मालवीय ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए चीनी का शुरुआती उत्पादन अनुमान करीब 349 लाख टन था। बाद में यह अनुमान घटकर लगभग 280 लाख टन रह गया।
बीजेपी नेता ने इसी उत्पादन में आई कमी को चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर मौजूदा दबाव की प्रमुख वजह बताया। उनका कहना है कि जब उत्पादन घटता है और खपत लगभग स्थिर रहती है, तो उपलब्ध स्टॉक पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
10 लाख टन चीनी आयात पर भी दी सफाई
अमित मालवीय ने चीनी के करीब 10 लाख टन आयात को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आयात का फैसला केवल E20 या किसी एक नीति के आधार पर नहीं लिया जाता, बल्कि देश में चीनी के उत्पादन, खपत और उपलब्ध स्टॉक के संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि घरेलू उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए जरूरत के अनुसार आयात करना एक संतुलित नीतिगत प्रक्रिया है।
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E20 को चीनी की कीमतों से जोड़ने पर BJP का पलटवार
बीजेपी नेता ने कहा कि चीनी की कीमतों पर दबाव को सीधे E20 की वजह बताना आंकड़ों के अनुरूप नहीं है। उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति में उत्पादन और क्लोजिंग स्टॉक में आई कमी ज्यादा महत्वपूर्ण कारक हैं।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां कांग्रेस चीनी की कीमतों और इथेनॉल नीति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी उत्पादन में कमी और घटते स्टॉक को मौजूदा स्थिति की मुख्य वजह बता रही है।
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चीनी की कीमतों पर सियासी घमासान
चीनी की कीमत, इथेनॉल नीति, E20 और आयात को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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