
UP का निलंबित सिपाही दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
दिल्ली/गोरखपुर। गोरखपुर जिले की शातिर अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी में लगाया गया निलंबित सिपाही नीतीश कुमार यादव खुद लोन फर्जीवाड़े का आरोपी निकला। मुकदमा दर्ज होने के बाद वह दुबई भाग गया था। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इसी आधार पर दिल्ली पुलिस ने उसे एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। कैंट पुलिस उसे गोरखपुर लेकर आ रही है। आरोपी मूलरूप से देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र के जगउर गांव का रहने वाला है।
नीतीश पर बैंक ऑफ बड़ौदा की गोरखपुर स्थित चार शाखाओं से कूटरचित दस्तावेज के जरिए पांच लोगों के नाम पर 52 लाख रुपये का पर्सनल लोन कराने का आरोप है। इनमें मेडिकल कॉलेज रोड, प्रधान शाखा, बेतियाहाता और कसया शाखा शामिल हैं। इसके अलावा शहर के कई शातिर अपराधियों के नाम पर भी लोन कराने और रकम हड़पने की बात सामने आई है। बैंक से नोटिस पहुंचने के बाद संबंधित लोगों को अपने नाम पर लोन होने की जानकारी हुई।
फर्जी पुलिस आईकार्ड और पे-स्लिप से कराया लोन
बैंक के उप क्षेत्रीय प्रमुख आशीष सिंह ने एसपी महराजगंज को दिए प्रार्थनापत्र में बताया था कि नीतीश ने कूटरचित पुलिस आईकार्ड, पे-स्लिप, फार्म-16 और कर्मचारी सत्यापन रिपोर्ट का इस्तेमाल कर लोन कराया। इसके लिए पहले प्रमोद यादव, संदीप अग्रहरी, अजय साहनी, लक्ष्मीकांत यादव और संदीप कुमार यादव के नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए। इसके बाद चार शाखाओं से इनके नाम पर कुल 52 लाख रुपये का पर्सनल लोन स्वीकृत कराया गया।एसपी के निर्देश पर 28 मई 2024 को महराजगंज कोतवाली थाने में नीतीश और उसके पांच सहयोगियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गए। नीतीश को निलंबित भी कर दिया गया था।





