भारत भले चांद पर पहुंचा, समाज में जाति अव्यवस्था कायम:HC

मुंबई। हाथ से मैला ढोने की प्रथा की आलोचना करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि भले ही भारत चांद पर पहुंच गया हो, लेकिन जाति व्यवस्था की सामाजिक बुराई आज भी समाज में बनी हुई है, जो नागरिकों को ऐसा काम करने के लिए विवश करती है जो मानवीय गरिमा के विपरीत है। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस नीति को रद्द कर दिया जिसके तहत खतरनाक सफाई के दौरान जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी निजी सोसाइटियों और नियोक्ताओं पर डाल दी गई थी।

जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह पीड़ितों के आश्रितों को फौरन मुआवजा दे और बाद में चाहे तो संबंधित निजी संस्थाओं या नियोक्ताओं से वह राशि वसूल कर ले। अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि वह छह महीने के भीतर उन सभी व्यक्तियों की पहचान करे, जिनकी मृत्यु मैनुअल स्कैवेंजर्स अधिनियम 2013 के दायरे में आने वाली खतरनाक सफाई के दौरान हुई हो।

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