
लखनऊ में आयुष इंटर्न डॉक्टरों का जोरदार प्रदर्शन, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित GPO पार्क पर शुक्रवार को आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आए सैकड़ों BAMS, BHMS और BUMS के इंटर्न डॉक्टर अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए।
जीपीओ पार्क पर डॉक्टरों के भारी जमावड़े और नारेबाजी को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने प्रदर्शन कर रहे आयुष डॉक्टरों को जबरन हिरासत में लेकर बस द्वारा इको गार्डन भेज दिया।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारी आयुष इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में बेहद मामूली और असमान स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जिससे उनका दैनिक खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है। डॉक्टरों का तर्क है कि एलोपैथिक इंटर्न डॉक्टरों की तर्ज पर आयुष डॉक्टरों का काम भी उतना ही श्रमसाध्य और महत्वपूर्ण है।
इसलिए उनकी प्रमुख मांग है कि आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को संशोधित कर कम से कम ₹25,000 प्रति माह किया जाए। डॉक्टरों का आरोप है कि शासन और आयुष विभाग को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला, जिससे मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
जीपीओ से इको गार्डन ट्रांसफर
जीपीओ पार्क पर बिना पूर्व अनुमति के प्रदर्शन और नारेबाजी बढ़ने के कारण हजरतगंज पुलिस तथा अतिरिक्त बल मौके पर तैनात हो गया। पुलिस अधिकारियों ने जब डॉक्टरों से जीपीओ खाली कर निर्धारित प्रदर्शन स्थल ‘इको गार्डन’ जाने की अपील की, तो डॉक्टर वहीं डटे रहने पर अड़ गए।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के बीच तीखी बहस और हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आयुष डॉक्टरों को हिरासत में ले लिया और बसों में बैठाकर उन्हें धरना स्थल इको गार्डन भेज दिया।
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मांग पूरी न होने तक आंदोलन
इको गार्डन भेजे जाने के बाद भी आयुष डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक उत्तर प्रदेश सरकार और आयुष मंत्रालय उनकी स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं कर लेता, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए धारा 144 और धरना नियमों का पालन कराया जा रहा है।
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