पत्रकार के भाई की हत्या से दहला गोरखपुर, सुरक्षा हटाने पर पुलिस प्रशासन कटघरे में

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के जयंतीपुर इलाके से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है।इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार मनीष नागेंद्र मिश्रा के छोटे भाई कार्तिकेय मिश्रा उर्फ शुभम की नृशंस हत्या कर दी गई है।

इस खौफनाक वारदात के बाद से जहां पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जान-माल के खतरे की लगातार गुहार लगाने के बावजूद सुरक्षा हटाए जाने से अब परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

पुलिस ने वापस ले ली थी सुरक्षा

पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि उन्हें पहले से ही गंभीर खतरे की आशंका थी। परिवार की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानमाल के खतरे की जानकारी दी गई थी।

शुरुआती शिकायतों के बाद परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात भी किए गए थे, लेकिन बाद में बिना किसी  वजह के उस सुरक्षा को वापस हटा लिया गया। खतरे की स्पष्ट जानकारी होने के बावजूद सुरक्षा तंत्र को हटाए जाने के फैसले पर अब जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

दिनदहाड़े अंजाम दी गई इस नृशंस हत्या के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि जब मीडियाकर्मियों और उनके परिजनों की सुरक्षा गुहार को प्रशासन अनसुना कर देता है, तो आम आदमी की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों की पहचान की जाए और इस मामले में ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों और पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

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