23 दोषियों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज
Lucknow Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर Judge: मुजफ्फरनगर में जज रवि कुमार दिवाकर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-3/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने एनडीपीएस एक्ट के 10 साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए न्याय व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी अशोक भारत को दोषमुक्त करार दिया।
फैसले में न्यायाधीश ने लिखा कि न्यायाधीश का काम न्याय करना होता है। यदि उसी के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जिला जज के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाला न्यायाधीश क्या जिला जज के ऐसे आदेशों को मानने के लिए बाध्य है, जो विधि के विपरीत हों। अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के 10 साल पुराने मामले में अशोक भारत को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। फैसले में अदालत ने फिल्म ‘दामिनी’ के ‘तारीख पर तारीख’ वाले संवाद का भी उदाहरण दिया।
न्यायाधीश ने कहा कि एक बेकसूर व्यक्ति को न्याय हासिल करने में लंबा समय लगा। इसी फैसले में उन्होंने अपनी अदालत से 18 अगस्त को ट्रांसफर की गई हत्या के मामलों की 97 पत्रावलियों को लेकर भी सवाल उठाए।