
Asian Games 2026: भारतीय शूटर्स ने की मेडल की बौछार, कबड्डी-हॉकी में भी जीते
Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे 20वें एशियाई खेलों के तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने धमाकेदार शुरुआत की है। सोमवार 21 सितंबर को निशानेबाजी स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों ने अपना दबदबा कायम रखा।
टेबल टेनिस के मुकाबले में भारत की महिला टीम ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में मात दी। विभिन्न खेल स्पर्धाओं से भारतीय दल के लिए लगातार अच्छी खबरें सामने आ रही हैं।
कबड्डी और हॉकी में भी दबदबा
कबड्डी में भारत और जापान की टक्कर जारी है तो हॉकी में भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने कमजोर इंडोनेशिया टक्कर देने की कोशिश कर रही है। दोनों ही मैच भारत आसानी से जीत सकता है। भारतीय कबड्डी टीम ने जापान को 49-23 से हराते हुए एक आसान जीत दर्ज कर ली। ग्रुप ए में खेले गए इस मैच के बाद अब भारतीय टीम अपने अगले मुकाबलों में उतरेगी और स्वर्ण पदक की दावेदारी मजबूत करेगी।
निशानेबाजी मे रजत पदक
निशानेबाजी रेंज से भारत के लिए दिन की पहली बड़ी खुशखबरी आई। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रुद्राक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने की भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने कुल 1890.1 का स्कोर बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ चीन के खाते में गया।
टीम इवेंट में सफलता के बाद व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल मुकाबले में भी भारतीय निशानेबाजों ने अपना जलवा बिखेरा। कड़े मुकाबले के बीच हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि रुद्राक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीतकर डबल पॉडियम फिनिश की उपलब्धि हासिल की।
टेबल टेनिस में हारा पाकिस्तान
पुरुषों और महिलाओं के टेबल टेनिस ग्रुप F मुकाबलों में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से हुआ। महिला टीम स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी तरह हावी रहते हुए पाकिस्तान को 3-0 से करारी शिकस्त दी। श्रीजा अकुला और सिंहाद्रिला दास ने अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर भारत को अगले दौर में पहुंचा दिया।
मिश्रित मार्शल आर्ट्स यानी एमएमए स्पर्धा से भी भारत के लिए ऐतिहासिक पल सामने आया। महिला पारंपरिक 60 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंची सूचिका तरियाल भले ही मुकाबला नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक पक्का कर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत के लिए पहला एमएमए मेडल दर्ज कराया।





