
केरलम में भारी बारिश का कहर, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से छः की मौत
Kerala Heavy Rain: दक्षिण भारतीय राज्य केरलम में मानसून के फिर से उग्र होने के बाद कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
राज्य के मलप्पुरम, इडुक्की और कोटायम जिलों में बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़े अलग-अलग हादसों में कम से कम 6 लोगों की जान जा चुकी है। बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 6 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
भूस्खलन तथा बाढ़ का कहर
बारिश के कारण सबसे भीषण तबाही मलप्पुरम के इको-टूरिज्म केंद्र टीके कॉलोनी के पास देखने को मिली। यहाँ कोट्टापुझा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और मलवे के तेज बहाव में कई लोग बह गए। बचाव टीमों ने नदियों से शव बरामद किए हैं, जबकि कुछ अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
वहीं इडुक्की जिले के वट्टावडा क्षेत्र के कोट्टाकंबूर में भारी भूस्खलन के कारण कच्चे मकान और शेड ढह गए, जिसकी चपेट में आने से लोगों की मौत हो गई। इडुक्की के कई क्षेत्रों में सड़कें बह जाने से मून्नार और आसपास के पर्वतीय इलाकों में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने नए मौसम तंत्र के प्रभाव से केरल में अगले 24 से 48 घंटों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कोटायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पालक्काड और मलप्पुरम जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। पर्वतीय और तटीय इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से रात के समय अनावश्यक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की
आपदा की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य अग्निशमन सेवा, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरत रहे हैं। संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित राहत शिविरों में स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके अलावा नदियों के किनारे और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को पानी के पास न जाने और आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई है।





