
IIT बॉम्बे सुसाइड केस: छात्रों ने 18 मांगों पर करवाया साइन, डायरेक्टर रनहीं देंगे इस्तीफा
IIT Bombay Suicide Case: आईआईटी बॉम्बे के पवई कैंपस में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई खुदकुशी के बाद खड़ा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन और उग्र आंदोलन के बीच निदेशक प्रोफेसर शिरीष केडारे के पद छोड़ने की चर्चाएं तेज हो गईं।
हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर निदेशक के इस्तीफे की खबरों को खारिज कर दिया है। वहीं, संस्थान ने छात्रों की 18 सूत्रीय मांग पत्र पर सहमति जताते हुए पूर्व में जारी विवादित बयान पर खेद व्यक्त किया है।
छात्र ने उठाया खौफनाक कदम
पवई पुलिस और संस्थान के अनुसार, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे ने शुक्रवार शाम अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने और एआई टूल चैटजीपीटी की मदद लेने के संदेह में प्रोफेसरों द्वारा छात्र को फटकार लगाई गई थी और कड़े अनुशासनात्मक एक्शन की चेतावनी दी गई थी।
इस घटना से क्षुब्ध होकर छात्र ने खौफनाक कदम उठा लिया। मृतक छात्र के परिजनों ने जातिगत भेदभाव और अत्यधिक शैक्षणिक दबाव के कारण आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
18 मांगों का चार्टर स्वीकार
छात्रों के लगातार तीन दिनों से जारी विशाल विरोध प्रदर्शन के बाद रविवार देर रात आईआईटी बॉम्बे प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन घंटे से अधिक समय तक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में निदेशक प्रो. शिरीष केडारे ने छात्रों द्वारा प्रस्तुत 18 सूत्रीय मांग पत्र पर हस्ताक्षर कर सहमति जताई।
इसके साथ ही संस्थान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर साहिल की मौत की परिस्थितियों पर दिए गए अपने शुरुआती बयानों के लिए माफी मांगी और कहा कि पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना पर कोई टिप्पणी करना अनुचित था।
संबंधित प्रोफेसर सस्पेंड
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल संकाय सदस्य के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आईआईटी बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने मृतक छात्र के परिजनों की शिकायत पर संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसके अतिरिक्त, छात्र कल्याण केंद्र के पुनर्गठन, शैक्षणिक तनाव कम करने और आत्महत्या रोकथाम के लिए एक स्वतंत्र टास्क फोर्स के गठन की प्रक्रियाओं पर भी सहमति बनी है।
इस्तीफे की खबरों को बताया ‘फर्जी’
सोशल मीडिया पर निदेशक के इस्तीफे से जुड़े वीडियो और दावों के वायरल होने के बाद आईआईटी बॉम्बे ने सोशल मीडिया पर स्थिति स्पष्ट की। संस्थान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निदेशक प्रो. शिरीष केडारे के इस्तीफे की खबर पूरी तरह निराधार है और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
संस्थान ने कहा कि वह पुलिस और जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहा है तथा परिसर में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।





