
लोकतंत्र को खत्म करने में जुटी भाजपा सरकार:लौटनराम निषाद
छात्र व किसान विरोधी है भाजपा सरकार
Lucknow/Gorakhpur: बांसगांव (सु ) विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत बिस्टौली खुर्द में दयाशंकर निषाद के संयोजकत्व व जयप्रकाश यादव की अध्यक्षता में रजनीश निषाद पीडीए जनचौपाल व निषाद संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया।
बतौर मुख्य अतिथि पीडीए जनचौपाल को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व गौशाईंगंज विधानसभा के प्रभारी/प्रत्याशी चौ. लौटनराम निषाद ने भाजपा सरकार को छात्र-नौजवान, किसान विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार संविधान व लोकतंत्र को खत्म कर मनुस्मृति का विधान लागू करने के षड्यंत्र में जुटी हुई है।
अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाना आवश्यक
भाजपा हिन्दू-मुसलमान, यादव -गैर यादव,दलित -अतिदलित के नाम पऱ नफ़रत पैदा कर पीडीए की ताक़त को कमजोर कर सत्तासीन हुई है। छात्र -नौजवान, किसान व अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए पीडीए को मजबूत कर 2027 में पीडीए महानायक अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाना आवश्यक है। उन्होंने गैर यादव पिछडी, अतिपिछड़ी, दलित जातियों के भाइयों का आह्वान करते हुए कहा कि यादव से ईर्ष्या नहीं, प्रतिस्पर्धा करों, जो पढ़ेगा वही बढ़ेगा।
चौ.लौटनराम निषाद ने जनचौपाल को सम्बोधित करते हुए कहा कि निषाद पार्टी संजय निषाद एन्ड फैमिली की प्रा. लि. पार्टी है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ व भाजपा पर निषाद समाज के साथ वादाखिलाफ़ी करने व निषाद मछुआरों का अधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने निषाद समाज को मान सम्मान व अधिकार दिया जिसे भाजपा सरकार ने छीन लिया। नेताजी ने वीरांगना फूलन देवी को जीवन दान व सम्मान से जीने का अवसर दिया लेकिन वर्चस्ववादी भाजपा ने हत्या करा करा दिया।
निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद समाज के भोले-भाले लोगों को आरक्षण का लॉलीपॉप दिखाकर सिर्फ अपनी दुकान चला रहे हैं।उन्होंने सवाल किया है कि कब मिलेगा निषाद समाज को आरक्षण और उनका अधिकार? भाजपा से गठबंधन में निषाद पार्टी को 15 टिकट मिला था तो कितने टिकट निषाद को मिले? क्या निषाद समाज सिर्फ नारा लगाने,दरी बिछाने,भीङ जुटाने व चंदा देने के लिए है और गठबंधन मिली सीटें करोड़ों करोङों में माफिया व सामंतियों को बेचकर मालामाल होगा संजय निषाद का परिवार।
निषाद पार्टी ने नौतनवां से ऋषि त्रिपाठी,खड्डा से विवेकानंद पांडेय, मेंहदावल से अनिल त्रिपाठी,कटेहरी से अवधेश द्विवेदी,सुल्तानपुर सदर से रामबाबू उपाध्याय, बदलापुर से रमेश मिश्रा,ज्ञानपुर से विपुल दूबे,तमकुहीराजसे डा.असीम राय,बांसडीह से केतकी सिंह, अतरौलिया से प्रशांत सिंह, शाहगंज से रमेश सिंह,काल्पी से ठाकुर छोटे सिंह चौहान, हङिया से प्रभात सिंह राहुल,मधुवन से रामविलास सिंह चौहान, सैदपुर से सुभाष पासी को उम्मीदवार बनाया गया,सिर्फ मझवां से 2.5 करोङ लेकर डा.विनोद बिन्द को टिकट दिया गया।
संजय पहलवान ने सवाल करते हुए कहा कि क्या मंडल कमीशन (ओबीसी आरक्षण ) का विरोध किसी मुसलमान ने किया, जातिगत जनगणना,समानुपातिक हिस्सेदारी, ओवरलेपिंग व माइग्रेशन व यूजीसी का विरोध मुसलमानों ने किया? अगर पिछड़े दलितों के संवैधानिक अधिकार, भागीदारी, आरक्षण, प्रतिनिधित्व, जातिगत जनगणना व यूजीसी का विरोध मुसलमानों ने नहीं किया तो मुसलमान पीडीए के दुश्मन कैसे?
सपा के प्रदेश सचिव दयाशंकर निषाद ने जनचौपाल को सम्बोधित करते हुए कहा कि कहाँ गया भाजपा व योगी जी का वादा और कब मिलेगा निषादों को आरक्षण व उनका अधिकार?
उन्होंने कहा कि संजय निषाद राजनीतिक दल नहीं बल्कि अपने परिवार की दुकान चलाकर टिकट विक्रेता बने हैं। सपा ने निषाद समाज को मत्स्य पालन व बालू-मोरम खनन पट्टा का अधिकार सिर्फ निषाद जातियों को दिया था जिसे योगी सरकार ने सार्वजनिक कर छीन लिया। नेताजी व अखिलेश यादव ने 17 अतिपिछङी जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था जिसे मोदी व योगी सरकार ने रद्द कर दिया।
समाजवादी पार्टी बांसगांव विधानसभाध्यक्ष रामनिरंजन यादव ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कहा कि जब से भाजपा सरकार बनी है, तब से ओबीसी, एससी कोटे की खुलेआम डकैती व हकमारी की जा रही है, एनएफएस के माध्यम से हमारे प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोफेसर बनने से रोका जा रहा है।
पीडीए जनचौपाल को संजय पहलवान, डा.संजय कुमार, सुमन पासवान,सुरेंद्र निषाद, रामनारायण निषाद प्रधान, डा.वाल्मिकी निषाद, राकेश कन्नौजिया,छन्नेलाल निषाद, लालमन पाल,राधेश्याम साहनी,शिवचरण निषाद, योगेन्द्र पासवान, वीरेंद्र पाल, ओमप्रकाश शर्मा,पूर्वी निषाद, जनार्दन पाल,संजय राय संतोष निषाद, अवधेश साहनी आदि ने सम्बोधित किया।संचालन विधानसभा महासचिव राजेश कुमार पांडेय व धन्यवाद ज्ञापन हेमंत निषाद ने किया।





