अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो हिंद महासागर तक पहुंचेगा युद्ध? ईरान ने दी चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने चेताया- अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो संघर्ष का दायरा हिंद महासागर और उससे आगे तक बढ़ सकता है।

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर दोबारा हमला किया गया तो मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष और ज्यादा फैल सकता है। ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने कहा है कि ऐसी स्थिति में युद्ध का मोर्चा हिंद महासागर और संभवतः उससे भी आगे तक पहुंच सकता है।

ईरान ने अमेरिका को दी हमले पर चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार याह्या रहीम सफवी का एक वीडियो फार्स समाचार एजेंसी ने जारी किया है। वीडियो में सफवी ने मौजूदा संघर्ष के संभावित विस्तार को लेकर चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से लाल सागर तक फैल चुका है। यदि आगे भी सैन्य कार्रवाई होती है तो युद्ध का मोर्चा और ज्यादा विस्तृत हो सकता है और यह हिंद महासागर तक पहुंच सकता है।

होर्मुज से लाल सागर तक बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी बड़े सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।

अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरानी अधिकारी पहले भी कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि अमेरिका की ओर से नई सैन्य कार्रवाई की स्थिति में ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी हितों और संपत्तियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

सफवी का ताजा बयान इसी चेतावनी को और व्यापक बनाता है। उन्होंने संभावित संघर्ष के दायरे में हिंद महासागर का भी जिक्र किया है।

यह भी पढ़ें…

डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग का किया भव्य स्वागत

हिंद महासागर तक युद्ध पहुंचने का क्या मतलब?
अगर मध्य पूर्व का सैन्य संघर्ष हिंद महासागर तक फैलता है, तो इसका असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रह सकता। हिंद महासागर एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के बीच महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है।

इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से समुद्री परिवहन, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि, फिलहाल हिंद महासागर तक संघर्ष फैलने की बात ईरान के वरिष्ठ अधिकारी की चेतावनी के रूप में सामने आई है।

यह भी पढ़ें…

भारत बड़ी आर्थिक शक्ति, ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की मदद में सहायक:जयशंकर

क्यों महत्वपूर्ण है ईरान का बयान?
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से काफी गंभीर है। फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में किसी नए सैन्य घटनाक्रम से संघर्ष का दायरा बढ़ने की चिंता पैदा हो सकती है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि अमेरिका ईरान की इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देता है और दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव आगे किस दिशा में जाता है।

यह भी पढ़ें…

ईरान को तबाह करने की चेतावनी के बाद बदले ट्रंप के सुर

Back to top button