
UP में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार, 35 सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं को मंजूरी
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में 35 सड़क, फ्लाईओवर और बाईपास परियोजनाओं के लिए PCU मानकों में शिथिलीकरण को मंजूरी, निर्माण कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और समयसीमा पर रहेगा जोर।
Lucknow: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में 35 महत्वपूर्ण सड़क, फ्लाईओवर और बाईपास परियोजनाओं में पैसेंजर कार यूनिट (PCU) मानकों में शिथिलीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रस्तावित बाईपास, सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, फ्लाईओवर और संपर्क मार्गों से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना और लोगों के आवागमन को अधिक सुगम बनाना है।
35 परियोजनाओं के लिए PCU मानकों में मिली छूट
बैठक में निर्माण परियोजनाओं की प्रगति और PCU शिथिलीकरण से संबंधित प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा की गई। समिति की मंजूरी के बाद संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण के साथ-साथ बाईपास, फ्लाईओवर, सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और संपर्क मार्ग जैसी योजनाएं शामिल हैं। इससे संबंधित जिलों में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें…
नशे-अपराध के खिलाफ पारख महासंघ का अभियान, 3 अक्टूबर से निकलेगी आत्मसम्मान यात्रा
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने परियोजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा और स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए और योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
यह भी पढ़ें…
लोकतंत्र को खत्म करने में जुटी भाजपा सरकार:लौटनराम निषाद
लखनऊ-गोरखपुर समेत कई जिलों को फायदा
35 परियोजनाओं के मंजूर होने से लखनऊ, गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं को गति मिलने की संभावना है। बाईपास और फ्लाईओवर बनने से शहरों के भीतर वाहनों का दबाव कम करने और प्रमुख मार्गों पर आवागमन आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी 35 परियोजनाओं की जिलेवार सूची और प्रत्येक परियोजना की लागत का विवरण नहीं दिया गया है।
यह भी पढ़ें…





