
UN में नेतन्याहू के भाषण का 75 देशों ने किया Walkout
हूटिंग के बीच 3 मिनट रहे शांत, फिर बोले- कोई और कायर बचा है तो वह भी बाहर जाए
नेतन्याहू के संबोधन पर भारी हूटिंग और हंगामा
New York United Nations General Assembly (UNGA): संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के दौरान भारी हंगामा और राजनयिक विरोध देखने को मिला।
नेतन्याहू जैसे ही पोडियम पर पहुंचे, 75 देशों के प्रतिनिधियों ने हूटिंग शुरू कर दी और हॉल छोड़कर बाहर चले गए। विरोध करने वालों में अधिकांश इस्लामिक देशों के राजनयिक शामिल थे, हालांकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रतिनिधि हॉल में मौजूद रहीं। लगातार हूटिंग और वॉकआउट के बीच नेतन्याहू करीब 3 मिनट तक बिल्कुल शांत खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा भाषण शुरू करने से पहले मैं कहना चाहता हूं कि अगर यहां कोई और कायर बचा है, तो वह भी बाहर चला जाए।
इस दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद उनके समर्थकों ने तालियां बजाईं और ‘अम यिसराइल चाई’ (इजराइल की जनता ज़िंदा है) के नारे लगाए।
नेतन्याहू ने सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए इजराइली सैन्य अभियानों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा, “दुश्मनों को भ्रम था कि इजराइल टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हम एकजुट होकर शेरों की तरह लड़े।
गाजा में नरसंहार (Genocide) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने इसे ’21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने नरसंहार किया नहीं, बल्कि हमास द्वारा यहूदियों के नरसंहार की साजिश को रोका है।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर सैकड़ों फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने फर्स्ट एवेन्यू पर जाम लगाकर नेतन्याहू के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के खून से सने कटआउट और ‘जायनिज्म आतंकवाद है’ लिखे पोस्टर लहराए। सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने पर न्यूयॉर्क पुलिस (NYPD) ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर सीधा आरोप लगाया कि वे हमास के समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी यहूदी आबादी वाले शहर न्यूयॉर्क में आज यहूदी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि यहूदी अब बेबस होकर जुल्म सहने वाले नहीं हैं, आज उनके पास अपना देश और मजबूत सेना है।





