अमेरिका की जीरो टैरिफ लिस्ट में भारत, ऑरफन ड्रग्स समेत कई दवाओं को मिली छूट…

Big Relief for Indian Pharma Companies: अमेरिका ने भारत की चुनिंदा दवाओं और दवा बनाने वाली सामग्री को जीरो टैरिफ वाली सूची में शामिल किया है। इसमें ऑरफन ड्रग्स, फर्टिलिटी दवाएं, सेल और जीन थेरेपी जैसी दवाएं शामिल हैं। इस फैसले से भारतीय फार्मा कंपनियों राहत मिल सकती है।

US Tariff: अमेरिका ने भारत से आयात होने वाली कुछ चुनिंदा दवाओं और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जीरो टैरिफ वाली सूची में शामिल किया है। इस सूची में ऑरफन ड्रग्स, फर्टिलिटी दवाएं, सेल और जीन थेरेपी समेत कई विशेष श्रेणी के फार्मास्युटिकल उत्पाद शामिल हैं। इस फैसले से अमेरिका को दवाओं की आपूर्ति करने वाली भारतीय फार्मा कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

भारत से अमेरिका भेजी जाने वाली कुछ खास दवाओं और दवा बनाने वाली सामग्री पर अब जीरो अमेरिकी टैरिफ लागू होगा। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने यह सूची ऐसे समय जारी की है, जब वॉशिंगटन कुछ पेटेंटेड फार्मास्युटिकल आयात और उनसे संबंधित सामग्री पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।

हालांकि, यह छूट भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले हर फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट पर लागू नहीं होगी। जीरो टैरिफ की सुविधा केवल उन विशेष दवाओं और सामग्रियों के लिए है, जिन्हें अप्रैल में जारी राष्ट्रपति के आदेश के तहत योग्य माना गया है।

किन दवाओं को मिली टैरिफ से छूट?
अमेरिकी सरकार की जीरो टैरिफ सूची में कई महत्वपूर्ण श्रेणी के मेडिकल और फार्मास्युटिकल उत्पाद शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • ऑरफन ड्रग्स
  • न्यूक्लियर मेडिसिन
  • प्लाज्मा से बनी थेरेपी
  • फर्टिलिटी दवाएं
  • सेल थेरेपी
  • जीन थेरेपी
  • एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स

इसके अलावा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर खतरों से जुड़े मेडिकल काउंटरमेजर तथा पशु स्वास्थ्य से संबंधित कुछ उत्पादों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

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भारत समेत इन देशों को मिली छूट
अमेरिका की इस सूची में भारत के साथ अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, नॉर्थ मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम को भी शामिल किया गया है।

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भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए क्यों अहम है फैसला?
अमेरिका भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए एक प्रमुख निर्यात बाजार है। ऐसे में कुछ विशेष दवाओं और दवा निर्माण सामग्री को टैरिफ से बाहर रखने से इन उत्पादों के अमेरिकी बाजार में निर्यात पर लागत का दबाव कम हो सकता है।

खास तौर पर उन भारतीय कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है, जो ऑरफन ड्रग्स, फर्टिलिटी मेडिसिन, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी और अन्य सूचीबद्ध विशेष उत्पादों की अमेरिका को आपूर्ति करती हैं।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि जीरो टैरिफ की छूट सभी दवाओं के लिए नहीं है। इसलिए अमेरिकी टैरिफ नीति का वास्तविक असर उत्पाद की श्रेणी और सूची में उसकी पात्रता के आधार पर अलग-अलग होगा।

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