
सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, पहलगाम हमले का आतंकी मूसा एनकाउंटर में ढेर
Hashim Musa Killed J&K: घाटी में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बडगाम जिले के जंगल क्षेत्र में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का खूंखार पाकिस्तानी कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा (फौजी मूसा) मारा गया है।
हाशिम मूसा 2025 में हुए बहुचर्चित पहलगाम आतंकी हमले का प्रमुख संदिग्ध और मास्टरमाइंड था। उस पर पुलिस की ओर से 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों को बडगाम के दूधपत्री और यूसमर्ग से सटे पालमैदान (Palmaidan) इलाके के जंगलों में आतंकियों के छिपे होने की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की टीमों ने देर रात पूरे इलाके की घेराबंदी कर संयुक्त तलाशी अभियान ‘ऑपरेशन कोरग’ शुरू किया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान जब जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर चुनौती दी, तो आतंकी मूसा ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव और भारी मात्रा में गोला-बारूद व हथियार बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हाशिम मूसा इससे पहले 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ के दौरान भागने में सफल रहा था, जिसमें उसका करीबी सहयोगी और लश्कर आतंकी यासिर मारा गया था। तब से ही सुरक्षाबल घने जंगलों में उसकी तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे।
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पाकिस्तानी सेना का पूर्व पैरा-कमांडो था हाशिम मूसा
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, हाशिम मूसा साल 2022 में एलओसी पार कर कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था। वह पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का पूर्व पैरा-कमांडो रह चुका था, जिसके बाद वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया। वह पूंछ-राजौरी, गुलमर्ग, गांदरबल और पहलगाम क्षेत्रों में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मुख्य षड्यंत्रकारी था।
बडगाम के जंगलों में अभी भी अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों का कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) जारी है।
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