
INDIA गठबंधन ने किया “दो से आठ अक्टूबर” तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ का ऐलान
विपक्षी नेताओं का Election Commission पर हमला
भारतीय लोकतंत्र इस देश के हर व्यक्ति से बड़ा है
INDIA alliance दिल्ली: INDIA गठबंधन की बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आगे की रणनीति का ऐलान किया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, TMC प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर साझा आंदोलन चलाने पर सहमति बनी। INDIA गठबंधन की बैठक के बाद, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, काफी अच्छी चर्चा हुई। वोट चोरी हुई है, सभी नेता यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद किया है, उन्हें सज़ा मिले। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वे कितने सीनियर हैं या कौन हैं।
नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया
भारतीय लोकतंत्र इस देश के हर व्यक्ति से बड़ा है। बैठक में यह भावना भी थी कि विपक्ष भारत के लोगों तक यह बात पहुँचाने में काफ़ी सफल रहा है कि चुनाव में धांधली हुई है, नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है, और लोगों में, ख़ासकर युवाओं में, विरोध की एक नई भावना पैदा हुई है कि भारत में जो हो रहा है वह ग़लत है और उसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन माध्यम से उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने अपनी बात रखी। मुझे खुशी है कि सभी ने मिलकर, एकमत से, एकजुट होकर, मजबूती के साथ लड़ाई लड़ने की बात की है। बहुत से सुझाव भी राहुल गांधी ने और ममता बनर्जी ने भी दिए हैं। आज चुनाव आयोग के साथ कठपुतली की तरह खेला जा रहा है। असल में पीएम मोदी और अमित शाह ऐसा कर रहे हैं। दो-तीन लोगों को मोहरा बनाकर, वे लोग वोटों की चोरी करवा रहे हैं और चुनाव जीत रहे हैं। जहां भी हमारे नेता न्यायपूर्ण लड़ाई लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं, युवाओं के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें भी तंग करने का प्रयास किया जा रहा है।
खड़गे ने कहा देश के लोगों, युवाओं और INDIA गठबंधन के लोगों के अलावा, जो NGO और संविधान व लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों को भी इसमें शामिल करके दो से आठ अक्टूबर तक तक, जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ करेंगे। जिला मजिस्ट्रेट के सामने जाकर प्रदर्शन किया जाएगा और जनता को अवगत करवाया जाएगा कि हम ऐसा क्यों कर रहे हैं।
छह अक्टूबर को ‘मार्च टू इलेक्शन कमीशन
छह अक्टूबर के दिन सभी विपक्षी सांसद ‘मार्च टू इलेक्शन कमीशन’ करेंगे। हम आज ही ये मार्च करने वाले थे लेकिन हमने सभी सांसदों को आमंत्रित करके मार्च निकालने के लिए छह तारीख रखी है। विपक्ष के नेता राष्ट्रपति से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मिलने का समय मांगेंगे। हमारी जो समस्याएं हैं और संवैधानिक अड़चनें जो सरकार पैदा कर रही है, जिसके तहत लोगों को तंग और तबाह करके अपनी राय बनाकर झूठी सरकार चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उसे लेकर हम राष्ट्रपति को स्थिति समझाना चाहते हैं।





