
‘इससे अच्छा UP पुलिस को ही भंग कर दें…’, किस बात पर भड़का सुप्रीम कोर्ट?
Supreme Court on UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर देश की सर्वोच्च अदालत ने अब तक की सबसे तीखी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिस तरह से यहां कानूनी प्रक्रियाओं का माखौल उड़ाया जा रहा है, उसे देखते हुए तो “यूपी पुलिस को भंग ही कर देना चाहिए। ”
कोर्ट ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्था और कानून के साथ चल रहा यह खिलवाड़ और बकवास अब हर हाल में बंद होना चाहिए। कोर्ट ने ये टिप्पणी एक FIR में आरोपी का नाम खाली छोड़ देने और बाद में नाम जोड़ने पर की है।
‘हम यूपी पुलिस को ही खत्म कर दें’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप मामलों को इस तरह से संभालेंगे तो लोग आप पर कैसे भरोसा करेंगे? कोर्ट ने कहा कि बेहतर होगा कि हम यूपी पुलिस की सभी जांचों में CBI को शामिल करने के लिए कहें। इसके साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि इससे तो अच्छा है कि हम यूपी पुलिस को ही खत्म कर दें। कोर्ट ने कहा कि यह बकवास किसी न किसी मोड़ पर तो रुकनी ही चाहिए।
We might as well disband UP Police: Supreme Court on “cover up job”, biased probe
report by @RitwikinCourt https://t.co/znPEOt0vIy
— Bar and Bench (@barandbench) September 30, 2026
FIR में नहीं जोड़ा गया आरोपी का नाम
जानकारी के मुताबिक अज्ञात को लेकर एक FIR दर्ज की गई थी। उसके बाद जब आरोपी का नाम भी सामने आ गया तब भी FIR में उसका नाम नहीं जोड़ा गया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार लगाई है, जिसमें कोर्ट ने सीधे तौपर पर कहा कि हर चीज में आपका कोई न कोई एजेंडा होता है। कोर्ट ने कहा कि अगर आम मामलों को इस तरह से संभालेंगे तो लोग कैसे आप पर भरोसा करेंगे।
कई बार सामने आईं खामियां
दरअसल कई ऐसे मौके आए हैं जब सुप्रीम कोर्ट को लगा है कि यूपी पुलिस या तो सही तरीके से जांच नहीं कर रही है, या फिर प्रकिया में उसकी व्यवस्था बहुत लचर है। इसी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने आज कई कड़ी टिप्पणियां की हैं। बताया जा रहा है कि ये एक सामान्य क्रिमिनल केस था जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने ये तल्ख टिप्पणी की है।
कोर्ट ने साफ कहा कि ये बकवास किसी न किसी मोड़ पर तो रुकनी चाहिए। कोर्ट की इस टिप्पणी से साफ जाहिर होता है कि यूपी पुलिस की लगातार सामने आ रही खामियों से कोर्ट भी आजिज आ चुका है।





