
UPI, LPG और बैंकिंग के New नियम आज से लागू
दो अक्तूबर को 'No UPI Day' का आह्वान वापस
Delhi,UPI, LPG: साल 2026 के दसवें महीने यानी अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही त्योहारी उत्साह, धार्मिक अनुष्ठानों और आम जनता की जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलावों का दौर शुरू हो चुका है। यह पूरा महीना सनातन परंपरा के प्रमुख व्रतों, शक्ति की उपासना और लोकपर्वों से सराबोर रहेगा।
वहीं दूसरी ओर, वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र में यूपीआई (UPI) पेमेंट, एलपीजी सब्सिडी, बैंक एफडी और एटीएम निकासी के नियमों में भी कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा ताल्लुक आपकी दिनचर्या और बजट से है।यूपीआई ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कारोबारियों का दो अक्तूबर को ‘No UPI Day’ का आह्वान वापस ले लिया गया
अक्टूबर के शुरुआती पखवाड़े में पितृपक्ष का समापन होगा और इसके साथ ही देवी आराधना का महापर्व शुरू होगा:
महीने की शुरुआत में छह अक्टूबर को पितरों की मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली ‘इंदिरा एकादशी’ का व्रत रखा जाएगा।
इसके बाद 10 अक्टूबर को ‘सर्वपितृ अमावस्या’ के साथ श्राद्ध पक्ष संपन्न होगा, जहां सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान किया जाएगा।
अगले ही दिन यानी 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की भव्य शुरुआत होगी। इसी दिन व्यापारिक समुदाय के आराध्य महाराज अग्रसेन की जयंती भी धूमधाम से मनाई जाएगी।
नवरात्रि के दौरान 18 अक्टूबर को ‘दुर्गाष्टमी’ का मुख्य पूजन होगा। इसी दिन सूर्य देव के तुला राशि में गोचर के साथ ‘तुला संक्रांति’ भी पड़ रही है।
19 अक्टूबर को ‘महानवमी’ का हवन-पूजन और कन्या पूजन संपन्न होगा।
20 अक्टूबर को असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक ‘विजयादशमी’ (दशहरा) पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।
शरद पूर्णिमा से करवा चौथ तक: सुहाग और भक्ति के विशेष दिन
दशहरे के बाद अक्टूबर का उत्तरार्ध भी भक्ति, साहित्य और दांपत्य जीवन के पर्वों से सजा रहेगा:
22 अक्टूबर को भगवान विष्णु को समर्पित ‘पापांकुशा एकादशी’ का व्रत रखा जाएगा।
25 अक्टूबर को ‘शरद पूर्णिमा’ (कोजागरी पूर्णिमा) का पर्व होगा, जिस रात खुले आसमान के नीचे अमृत वर्षा के बीच खीर रखने की पौराणिक परंपरा है।
26 अक्टूबर को संत शिरोमणि भक्तिकाल की कवयित्री मीराबाई जयंती और रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती संयुक्त रूप से मनाई जाएगी।
वहीं, 29 अक्टूबर को सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व ‘करवा चौथ’ मनाया जाएगा, जिसमें महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखकर चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद व्रत खोलेंगी।
त्योहारों की इन तारीखों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए वित्तीय नियमों में हुए बदलावों को जानना भी बेहद जरूरी है:
UPI पेमेंट्स पर नया फ्रेमवर्क (15 अक्टूबर से प्रभावी) डिजिटल पेमेंट व्यवस्था में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) 15 अक्टूबर से नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क लागू कर रहा है। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतानों पर 0.4% का मानक एमडीआर लगेगा, जो अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा।
राहत की बात यह है कि यह शुल्क आम उपभोक्ताओं पर नहीं लगेगा और न ही कारोबारी इसे ग्राहकों से वसूल सकेंगे। सामान्य पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पैसे भेजना और छोटे कारोबारियों को किया जाने वाला लेन-देन पहले की तरह पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।
LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक जरूरी: 1 अक्टूबर से घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें सिलेंडर बाजार भाव पर खरीदना होगा।
बड़ी FD और SBI ATM निकासी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशानिर्देशों के तहत बैंकों में तीन करोड़ रुपये या उससे अधिक की सावधि जमा को अब ‘बल्क डिपॉजिट’ माना जाएगा, जिसकी ब्याज दरें बैंकों को रोज सुबह वेबसाइट पर प्रदर्शित करनी होंगी। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों के लिए महीने में चार बार मुफ्त कैश निकासी की सीमा तय की है, जिसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और जीएसटी शुल्क लागू होगा।





