
LDA ने किसानों का 50 गुना बढ़ाया मुआवजा,अब आएगी “प्रबंध नगर योजना”
भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना की नई दरें निर्धारित
LDA Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण LDA की बहुप्रतीक्षित प्रबंध नगर आवासीय योजना का रास्ता साफ हो गया है। योजना में मुआवजे की धनराशि को लेकर चल रहे विवाद को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना प्राधिकरण (लारा कोर्ट) से विराम लग गया है। लारा कोर्ट ने योजना में एक करोड़ 10 लाख 71 हजार रूपये प्रति बीघा की दर से प्रतिकर की राशि निर्धारित कर दी है। वीसी एलडीए प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्रबंध नगर योजना का मुआवजा बढ़ा दिया गया है। कोर्ट के आदेश को एलडीए की बोर्ड बैठक में रखकर पास कराया जाएगा। इसके बाद योजना लॉन्च की जाएगी। ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद यह योजना और बेहतर हो गई है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने परीक्षण के लिए गठित की कमेटी
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है, जो प्रतिकर की बढ़ी हुयी दरों से योजना में होने वाले आय-व्यय का परीक्षण करते हुए 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जिसके बाद प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त करके योजना को धरातल पर उतारने का काम किया जाएगा। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि विगत दो वर्ष के अंदर अनंत नगर, नैमिष नगर और वरूण विहार जैसी महत्वकांक्षी योजनाएं लांच करके बड़ी संख्या में लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इसी कड़ी में अब प्रबंध नगर योजना को विकसित करने का काम किया जाएगा। प्रबंध नगर योजना के साकार होने से शहर के पूर्वी हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
दो हजार एकड़ क्षेत्रफल में प्रबंध नगर
उपाध्यक्ष ने बताया कि एलडीए ने वर्ष 2008 में हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के पास प्रबंध नगर योजना प्रस्तावित की थी। लगभग 2,000 एकड़ में विकसित होने वाली यह योजना भूमि अधिग्रहण, मुआवजे की दरों, कानूनी एवं अदालती विवादों के कारण अटकी थी। अब भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना प्राधिकरण द्वारा प्रतिकर की बढ़ी हुयी दरों का निर्धारण कर दिया गया है। ऐसे में योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को गति मिलेगी।
कमेटी करेगी व्यय भार का आंकलन
एलडीए के सचिव सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि लारा कोर्ट के आदेश के क्रम में संयुक्त सचिव अरविंद उपाध्याय की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गयी है। यह कमेटी बढ़े हुये प्रतिकर से होने वाले व्यय भार का आंकलन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिसके आधार पर प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त करके योजना का काम आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रबंध नगर योजना से आच्छादित कुछ गाटों का विवाद माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है। जिसके सम्बंध में माननीय न्यायालय से भी अनुमति प्राप्त की जाएगी।
योजना में तीन गांवों की भूमि शामिल
प्रबंध नगर योजना मेें ग्राम घैला, ककौली एवं अल्लूनगर डिगुरिया की कुल 840.892 हेक्टेयर भूमि शामिल है। योजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्व में किया जा चुका है। अब प्रतिकर की नयी दरों के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
प्रबंध नगर योजना की विशेषताएं
– आईआईएम रोड, ग्रीन कॉरिडोर और हरदोई-सीतापुर बाईपास के माध्यम से सीधी कनेक्टिविटी
– योजना में आधुनिक आवासीय ब्लॉक, वाणिज्यिक क्षेत्र और हरित गलियारे बनाए जाने का प्रस्ताव
– इस मेगा प्रोजेक्ट से लगभग 02 लाख लोगों को आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाएं मिलेगी





