
राहुल-प्रियंका के धरने ने खींची सारी सुर्खियां? SIR प्रदर्शन को लेकर INDIA गठबंधन में असहजता
SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के धरने ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों में इस बात को लेकर असहजता है कि प्रदर्शन की पूरी सुर्खियां कांग्रेस के दोनों नेताओं के हिस्से में चली गईं।
Delhi: दिल्ली में मंगलवार को विपक्षी दलों के करीब 200 सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। विपक्षी सांसदों का यह प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच गतिरोध भी देखने को मिला। प्रदर्शन में INDIA गठबंधन के कई दलों के सांसद शामिल हुए।
राहुल-प्रियंका के धरने ने खींचा ध्यान
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के धरने पर बैठने से कांग्रेस केंद्र में आ गई। दोनों नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शन किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन में शामिल कुछ नेताओं को यह बात नागवार गुजरी। उनका मानना था कि प्रदर्शन सामूहिक रूप से विपक्ष का कार्यक्रम था, लेकिन इसकी राजनीतिक तस्वीर मुख्य रूप से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इर्द-गिर्द दिखाई दी।

इसी वजह से विपक्ष के कुछ नेताओं के बीच यह चर्चा शुरू हुई कि क्या INDIA गठबंधन का संयुक्त प्रदर्शन कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं तक सीमित होकर रह गया?
दूसरे विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने से बढ़ी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के धरने ने मीडिया और राजनीतिक चर्चा में प्रमुख स्थान हासिल किया।
यही अंतर विपक्षी खेमे में असहजता की वजह बताया जा रहा है। कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को लगा कि संयुक्त विपक्षी आंदोलन में सभी दलों को समान राजनीतिक और मीडिया स्पेस मिलना चाहिए था।
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SIR बना विपक्षी एकजुटता का मुद्दा
चुनाव आयोग की ओर से किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
वहीं चुनाव आयोग ने SIR को मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया के तौर पर प्रस्तुत किया है। ऐसे में यह मुद्दा विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव का विषय बना हुआ है।
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कांग्रेस के सामने गठबंधन साधने की चुनौती
INDIA गठबंधन में कांग्रेस सबसे प्रमुख विपक्षी दलों में से एक है। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और कांग्रेस कई राज्यों में अलग-अलग सहयोगी दलों के साथ चुनावी या राजनीतिक तालमेल करती रही है।
ऐसे में संयुक्त विपक्षी आंदोलनों में कांग्रेस की भूमिका को लेकर सहयोगी दलों की अपेक्षाएं भी महत्वपूर्ण हैं। यदि किसी आंदोलन की पूरी राजनीतिक ब्रांडिंग एक ही पार्टी या नेताओं के इर्द-गिर्द दिखाई देती है, तो गठबंधन के भीतर असहजता पैदा होना स्वाभाविक है।
SIR को लेकर विपक्ष का विरोध आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
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