
PACS कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर AAP का मोर्चा, 9 अक्टूबर को ‘वोट चोरी’ पर प्रदर्शन
Sanjay Singh Lucknow Protest: AAP नेता संजय सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर PACS कर्मचारियों के बकाया वेतन का मुद्दा उठाया और सरकार से भुगतान की मांग की।
Lucknow: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों यानी PACS के कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा उठाया है। बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संजय सिंह ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 5,127 PACS समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को पिछले आठ वर्षों से वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की।
5,127 समितियों के कर्मचारियों का वेतन बकाया होने का दावा
संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में PACS कर्मचारी लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, करीब 5,127 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को कई वर्षों से नियमित वेतन नहीं मिल पाया है।
AAP नेता ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के बकाया वेतन की स्थिति स्पष्ट की जाए और लंबित भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए।
PACS क्या है और कर्मचारियों की क्या भूमिका है?
प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां (PACS) ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सहकारी ऋण व्यवस्था से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इनके माध्यम से किसानों को कृषि से संबंधित ऋण और अन्य सहकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का काम किया जाता है।
इन समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका किसानों और सहकारी व्यवस्था के बीच समन्वय में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यह भी पढ़ें…
आशा कार्यकर्ताओं ने दी महापड़ाव की चेतावनी, मानदेय-बीमा समेत रखीं कई मांगें
9 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान
संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 9 अक्टूबर को प्रदर्शन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर 9 अक्टूबर को प्रदर्शन करेगी।
AAP की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। पार्टी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
सरकार से बकाया भुगतान की मांग
संजय सिंह ने PACS कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्षों से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लंबित भुगतान का समाधान किया जाना चाहिए।
हालांकि, PACS कर्मचारियों को आठ साल से वेतन नहीं मिलने का आंकड़ा संजय सिंह की ओर से लगाए गए दावे पर आधारित है। इस दावे पर सरकार या संबंधित सहकारी विभाग की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें…
डेढ़ किलो के गर्म पत्थर से कर रहा था बवासीर का इलाज, घुस गया शरीर के अंदर…
9 अक्टूबर के प्रदर्शन पर भी नजर
PACS कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा उठाने के साथ ही AAP ने 9 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी अपनी रणनीति स्पष्ट की है। पार्टी का कहना है कि वह ‘वोट चोरी’ के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपनी आवाज उठाएगी।
अब देखना होगा कि PACS कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और 9 अक्टूबर को AAP का प्रदर्शन किस रूप में सामने आता है।
यह भी पढ़ें…





