रिवायत लखनऊ घराना डांस एंड म्यूजिक एकेडमी द्वारा ‘नृत्य नाद’ कार्यक्रम का आयोजन

Lucknow News: नवाबों की नगरी लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत और कथक की समृद्ध परंपरा को एक बार फिर भव्य मंच मिला। 15 अक्टूबर को कैसरबाग स्थित ऐतिहासिक स्थल कालका-बिंदादीन ड्योढ़ी में रिवायत लखनऊ घराना डांस एंड म्यूजिक एकेडमी द्वारा सांस्कृतिक संध्या ‘नृत्य नाद‘ का गरिमामयी आयोजन किया गया।

स्व. पंडित अर्जुन मिश्रा जी की शिष्या और संस्था की संचालिका एकता मिश्रा के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जोड़ना और गुरु-शिष्य परंपरा का संवर्धन करना रहा।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ स्व. पंडित शंभू महाराज जी की सुपुत्री और वरिष्ठ गुरु रमेश्वरी मिश्रा (मुन्नी मिश्रा) जी को गुरु सम्मान अर्पित कर किया गया।

कथक की अद्भुत प्रस्तुति

सांस्कृतिक संध्या की प्रथम प्रस्तुति में पंडित राममोहन महाराज जी के साथ उनकी बेटियों एकता मिश्रा और अंकिता मिश्रा ने “शिव स्तुति आंगिकम” और “कर्पूरगौरं करुणावतारम्” की ओजस्वी प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात एकता एवं अंकिता मिश्रा ने ताल तीनताल में शुद्ध कथक की मनमोहक छटा बिखेरी।

इसमें उपज, त्रिपल्ली, माखन चोरी, दुर्गा परण और अभिसारिका नायिका के विविध भावों से सजी ठुमरी “मोहे छेड़ो न नंद के, सुनहु छैल” पर भावपूर्ण अभिनय प्रस्तुत किया गया। द्रुत लय में पारंपरिक बंदिशों, तिहाइयों, परनों और जुगलबंदी के साथ इस प्रस्तुति का समापन हुआ।

संगतकारों में पढ़त पर गुरु सुरभि सिंह जी, गायन एवं हारमोनियम पर मोहम्मद आरिफ खान, तबले पर पंडित विकास मिश्रा तथा सारंगी पर मनीष मिश्रा ने अपने हुनर से महफिल में समां बांध दिया। इसके बाद अतिथि कलाकार मनीष मिश्रा ने सारंगी पर राग भीमपलासी के आलाप और बंदिश “जा जा रे अपने मंदिरवा” की सुरीली प्रस्तुति दी। संध्या का समापन राग भैरवी में मां दुर्गा की स्तुति “भवानी दयानी” से हुआ, जिसमें तबले पर आलोक मिश्रा जी ने संगत की।

युवा साधकों की नृत्य साधना

समारोह के दौरान संस्था की ओर से लखनऊ के वरिष्ठ गुरुओं और मूर्धन्य कलाकारों को गुरु सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित होने वाली प्रमुख विभूतियों में पंडित रमेश्वर प्रसाद मिश्रा जी, श्रृंगारमणि स्व. कुमकुम आदर्श जी, पंडित राममोहन महाराज जी, गुरु सुरभि सिंह जी, पंडित अनुज मिश्रा जी और पंडित विकास मिश्रा जी शामिल रहे।

संस्था के बाल एवं वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने भी अपनी नृत्य साधना से सभी का दिल जीत लिया। बाल वर्ग की छात्राओं प्रकृति, शनाया गुप्ता, आयुषी, मनस्वी और प्रदन्या ने गुरु वंदना के बाद तीनताल के टुकड़े व तिहाइयां पेश कीं।

वहीं वरिष्ठ छात्राओं आराध्या, अनिष्का और शनाया अग्रवाल ने कृष्ण वंदना के साथ-साथ तीनताल में परन, उपज, कविता और 11-11 चक्करों की तेज तर्रार तिहाइयों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वरिष्ठ गुरुजनों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने इस सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

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