
वोट चोरी के आरोपों पर बोले CM सुक्खू, कहा- आंदोलन से डर गई केंद्र सरकार
CJP Protest: CM सुक्खू ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, वोट चोरी के आरोपों पर गलती मानने और दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की।
Shimla: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में आंदोलन को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। शनिवार को दिल्ली से शिमला पहुंचने पर उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंदोलन से डर गई है। उन्होंने दिल्ली में इंटरनेट से लेकर रेलवे स्टेशन तक पाबंदियां लगाए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह के कदम लोगों की आवाज दबाने का प्रयास हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों की बात सुननी चाहिए थी। युवाओं को प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर अनुमति दी जा सकती थी।
आंदोलन पर पाबंदियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
CM सुक्खू ने कहा कि आंदोलन के दौरान पाबंदियां लगाने और लोगों की आवाज दबाने से हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और अपनी बात रखने के अधिकार को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी उनकी सरकार के खिलाफ कई बार आंदोलन होते हैं, लेकिन सरकार ने प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का अवसर दिया है। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध के लिए जगह होनी चाहिए।
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वोट चोरी के आरोपों पर केंद्र से गलती स्वीकार करने की मांग
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से वोट चोरी के आरोपों पर अपनी गलती स्वीकार करने और सुधार करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने वोटों की चोरी करके सरकार बनाई है। सुक्खू ने कहा कि देश की जनता अब निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
हालांकि, वोट चोरी को लेकर लगाए गए आरोप मुख्यमंत्री सुक्खू का राजनीतिक दावा हैं। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी का परीक्षण जरूरी है।
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राहुल गांधी के साथ व्यवहार को बताया अशोभनीय
CM सुक्खू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ केंद्र सरकार के व्यवहार को भी अशोभनीय बताया। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगी और वह भी इस मार्च में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार को लोगों की आवाज सुननी चाहिए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आंदोलनकारियों को प्रदर्शन की अनुमति देने और वोट चोरी के आरोपों पर सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
सुक्खू के बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। सोमवार को प्रस्तावित मार्च और इस मुद्दे पर आगे होने वाली गतिविधियों पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
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