
‘भूत-प्रेत देखना बंद करें राहुल जी’, टाटा विवाद पर निर्मला सीतारमण का पलटवार…
Rahul Gandhi vs Nirmala Sitharaman: Tata विवाद पर राहुल गांधी के आरोपों का निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब। वित्त मंत्री ने कांग्रेस की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा- हर जगह साजिश देखना बंद करें।
Nirmala Sitharaman on Rahul Gandhi: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बीच राहुल गांधी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आमने-सामने आ गए हैं। राहुल गांधी ने सरकार पर भारतीय उद्योगों को अपने हिसाब से चलाने और कारोबारी नेताओं में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया। इस पर वित्त मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि हर मुद्दे का राजनीतिकरण करना और व्यावसायिक व कानूनी मामलों को बिना ठोस आधार के आपराधिक करार देना उचित नहीं है।
टाटा विवाद पर राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण के बीच जुबानी जंग
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी की पोस्ट का जवाब देते हुए उन्हें हर जगह साजिश देखने से बचने की सलाह दी। यह विवाद टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रही चर्चा के बीच सामने आया है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सरकार भारतीय कारोबारों को अपना खिलौना समझती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कारोबारी जगत के नेता खुलकर अपनी बात रखने से डर रहे हैं। राहुल गांधी ने टाटा समूह से जुड़े घटनाक्रम का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
Being the LoP @RahulGandhi, I suggest you refrain from politicising every issue. Also, casually labelling commercial and legal matters as criminal is unacceptable.
You have repeatedly decried the successes of Indian industry & our entrepreneurs. Now, are you trying to incite our business leaders to join you in spreading distrust & toxicity?
For decades, your party had smothered the spirit of the Indian entrepreneurs under the stifling ‘Licence-Quota Raj’ & inflicted poverty on crores of Indians.
On the other hand, our government led by PM @narendramodi values the Indian industry as job creators & drivers of economic growth. Our policies have been tailored to enable enterprise, support industry and encourage investment.
Political parties, leaders, governments and institutions share an equal responsibility to support our industry, strengthen our farmers and secure the future of our youth.
Therefore, it is essential to engage constructively rather than casting baseless aspersions to suit your narrow political motives.
The Constitution of India ensures justice to all its citizens & our Honourable Courts are entrusted with upholding it. History is witness to the shoddy manner in which you, your party and the PMs belonging to your party have demeaned the judiciary.
So Rahul ji, refrain from seeing ghosts everywhere.— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) October 28, 2026
‘हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचें राहुल गांधी’
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष के नेता को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए। उन्होंने व्यावसायिक और कानूनी मामलों को बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक करार देने पर भी आपत्ति जताई।
वित्त मंत्री ने अपने जवाब में भारतीय उद्योग जगत और उद्यमियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कारोबारियों के प्रति अविश्वास और नफरत फैलाने के बजाय सकारात्मक संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस के पुराने शासनकाल का उल्लेख करते हुए ‘लाइसेंस-कोटा राज’ की आलोचना की। सीतारमण के मुताबिक, उस दौर की नीतियों ने भारतीय उद्यमियों की क्षमता और कारोबारी गतिविधियों को प्रभावित किया था।
मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का किया बचाव
निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि सरकार भारतीय उद्योगों को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य कारोबार को आगे बढ़ाना, उद्योगों को समर्थन देना और निवेश को प्रोत्साहित करना है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे उद्योगों को सहयोग दें, किसानों को सशक्त बनाएं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए काम करें।
सीतारमण ने राहुल गांधी से आरोप-प्रत्यारोप के बजाय रचनात्मक संवाद करने की अपील भी की।
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न्यायपालिका को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
वित्त मंत्री ने अपने जवाब में संविधान और न्यायपालिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को न्याय की गारंटी देता है और न्याय सुनिश्चित करना अदालतों की जिम्मेदारी है।
सीतारमण ने कांग्रेस और उससे जुड़े पूर्व प्रधानमंत्रियों पर न्यायपालिका के प्रति अनुचित रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसी संदर्भ में राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें हर जगह साजिश देखने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।
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क्या है टाटा संस के चेयरमैन की दोबारा नियुक्ति का मामला?
टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चर्चा के बीच यह राजनीतिक विवाद सामने आया है। राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम को भारतीय उद्योग जगत में कथित सरकारी हस्तक्षेप और कारोबारी नेताओं के बीच डर के माहौल से जोड़कर पेश किया है।
वहीं, निर्मला सीतारमण ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि व्यावसायिक और कानूनी मामलों को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।
फिलहाल, इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बयान राजनीतिक बहस का केंद्र बन गए हैं। हालांकि, टाटा संस में नियुक्ति से जुड़े विवाद के वास्तविक तथ्यों और संबंधित निर्णयों को समझने के लिए कंपनी के आधिकारिक बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों को देखना जरूरी है।
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