हरदीप सिंह पुरी की राज्यसभा में वापसी तय? BJP ने मध्य प्रदेश से दिया टिकट…

Hardeep Puri: बीजेपी ने मध्य प्रदेश से बनाया उम्मीदवार, राज्यसभा में वापसी की तैयारी के साथ मंत्री पद पर अटकलें तेज।

New Delhi: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही उनके मंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। फिलहाल पुरी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। बीजेपी ने उन्हें एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उम्मीदवार बनाया है।

मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे हरदीप पुरी
बीजेपी ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी का ऐलान किया। चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान होना है। इस सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पुरी के संसद के उच्च सदन में बने रहने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। हालांकि, उनकी जीत चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगी।

हरदीप सिंह पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में वर्ष 2021 से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। इससे पहले वह केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

यूपी से टिकट नहीं मिलने के बाद शुरू हुई थीं अटकलें
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी की उम्मीदवार सूची में हरदीप सिंह पुरी का नाम नहीं था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य और केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। यह चर्चा भी तेज हो गई थी कि क्या पुरी का मंत्री पद जा सकता है और क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल होने वाला है।

अब बीजेपी ने उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाकर इन अटकलों को काफी हद तक शांत कर दिया है। पार्टी के इस फैसले से पुरी के संसद में बने रहने की संभावना मजबूत हुई है।

आईएफएस अधिकारी से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
हरदीप सिंह पुरी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के पूर्व अधिकारी हैं। उन्होंने जनवरी 2014 में बीजेपी का दामन थामा था। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें अमृतसर सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद पुरी राज्यसभा के सदस्य बने और केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। पेट्रोलियम मंत्रालय में रहते हुए वह कच्चे तेल की खरीद, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखते रहे हैं।

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रूस से तेल खरीद और ऊर्जा सुरक्षा पर भी चर्चा
हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद और पश्चिमी देशों की आपत्तियों को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही है।

हाल ही में पुरी ने कहा था कि भारतीय रिफाइनरियां उन आपूर्तिकर्ताओं से कच्चा तेल खरीदेंगी, जो सबसे अच्छी कीमत देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव सहित वैश्विक घटनाक्रम का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे में पेट्रोलियम मंत्री के रूप में पुरी की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।

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हरदीप पुरी की उम्मीदवारी क्यों है अहम?
हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला कई मायनों में अहम है। इससे एक ओर उनकी राज्यसभा सदस्यता जारी रहने की संभावना बनी है, वहीं दूसरी ओर उनके मंत्री पद को लेकर उठ रहे सवालों को भी नया संदर्भ मिला है। हालांकि, राज्यसभा उपचुनाव का परिणाम आने के बाद ही सीट पर उनकी स्थिति अंतिम रूप से स्पष्ट होगी।

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