
UP में बड़े पैमाने पर तबादले, 15 IAS अफसरों की जिम्मेदारियों में बदलाव
UP IAS Transfer: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को अधिक प्रभावी और गतिशील बनाने के लिए शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन स्तर से जारी की गई ताजा तबादला सूची के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न विभागों में तैनात 15 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है।
मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को नागरिक उड्डयन विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। अनुराग श्रीवास्तव कृषि उत्पादन आयुक्त और आलोक कुमार औद्योगिक विकास आयुक्त बनाए गए हैं।
प्रशासनिक कसावट के लिए फेरबदल
राज्य शासन द्वारा प्रशासनिक कसावट और विकास योजनाओं की गति को तेज करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। एम. देवराज को राज्य सतर्कता आयोग और प्रशासनाधिकरण-1 का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। डॉ. एमकेएस सुंदरम को समन्वय का प्रमुख सचिव बनाया गया है। आलोक कुमार-3 को वित्त और संस्थागत वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अजय चौहान को यूपीसीडा का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। पंकज यादव को बाह्य सहायतित परियोजना के प्रमुख सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

इन अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी
योगेश कुमार: पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक बनाए गए हैं।
अमित कुमार सिंह: उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक नियुक्त किए गए हैं।
कृष्ण कुमार: झांसी मंडल के मंडलायुक्त बनाए गए हैं।
चंद्रशेखर: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाए गए हैं।
भूपेंद्र एस. चौधरी: उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के सचिव नियुक्त किए गए हैं।
देवेंद्र सिंह कुशवाहा: प्रशासनिक सुधार विभाग के विशेष सचिव बनाए गए हैं।
प्रवीण मिश्रा: अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक बनाए गए हैं।
अधिकारियों को सौंपी गईं नई जिम्मेदारियां
शासन की ओर से जारी आदेश के तहत कई जिलों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर फेरबदल किया गया है। जिन 15 आईएएस अधिकारियों के विभागों में बदलाव हुआ है, उन्हें तत्काल प्रभाव से अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी जल्द से जल्द अपनी नई जिम्मेदारियों को संभालते हुए रिपोर्ट प्रेषित करें। प्रशासनिक दक्षता और जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिसको ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक सर्जरी की गई है।





