सौरव दास का पासपोर्ट-आधार होगा रद्द? मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब…

Madras High Court on CJP: मद्रास हाईकोर्ट ने सौरव दास उर्फ योगेश शर्मा की नागरिकता और दस्तावेजों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने केंद्र, रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर समेत 10 अन्य पक्षों को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Chennai: मद्रास हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेशनल को-कन्वीनर सौरव दास उर्फ योगेश शर्मा से जुड़े मामले में अहम सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मामला उनकी नागरिकता, पासपोर्ट और आधार कार्ड की वैधता से जुड़ा है। कांचीपुरम के कारोबारी गणेश कुमार ने जनहित याचिका दाखिल कर सौरव दास और उनके माता-पिता की पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की है।

शुक्रवार को चीफ जस्टिस एसए धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की पहली बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने केंद्र सरकार, रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर और 10 अन्य पक्षों को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

सौरव दास की पृष्ठभूमि की जांच की मांग
याचिकाकर्ता गणेश कुमार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि सौरव दास की जड़ें नेपाल से जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय से सौरव दास और उनके माता-पिता की पृष्ठभूमि की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

याचिका में कहा गया है कि यदि उनके नेपाली मूल होने की बात सही साबित होती है, तो उनके भारतीय पहचान दस्तावेजों की वैधता की जांच की जानी चाहिए। हालांकि, ये सभी आरोप याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इन पर अदालत का कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने की मांग
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि यदि सौरव दास का नेपाली मूल होना साबित होता है, तो उन्होंने कथित तौर पर अपनी पृष्ठभूमि छिपाकर आधार कार्ड, वोटर आईडी और भारतीय पासपोर्ट हासिल किए होंगे।

इसी आधार पर याचिका में गृह मंत्रालय से दस्तावेजों की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर पासपोर्ट तथा आधार कार्ड रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी पता लगाने की मांग की गई है कि उन्हें पहचान संबंधी दस्तावेज किस आधार पर जारी किए गए।

यह भी पढ़ें…

Manipur में राष्ट्रपति शासन की आहट! क्या टल जाएगा 2027 का विधानसभा चुनाव?

सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने की भी मांग
जनहित याचिका में सौरव दास के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार मंत्रालय को उनके नाम से संचालित X और इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश देने की मांग की है।

इसके अलावा याचिका में आरोप लगाया गया है कि सौरव दास न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। याचिकाकर्ता ने मामले के निपटारे तक उन्हें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और निचली अदालतों के न्यायाधीशों के खिलाफ कथित अपमानजनक, धमकी भरे या आपत्तिजनक बयान देने से रोकने की मांग भी की है।

यह भी पढ़ें…

प्रशांत किशोर के डिजिटल मैनेजर की संदिग्ध मौत! रांची के जंगल में मिला शव

छह सप्ताह में केंद्र सरकार को देना होगा जवाब
अदालत ने फिलहाल याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। सभी को छह सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करना होगा।

इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान सौरव दास की नागरिकता, पहचान संबंधी दस्तावेजों और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर याचिकाकर्ता की मांगों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल अदालत की ओर से इन आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया है।

यह भी पढ़ें…

Jammu and Kashmir में Omar Abdullah Cabinet का विस्तार

Back to top button