
राहुल गांधी की रैली से व्यापारियों को 12,000 करोड़ का नुकसान, CTI ने किया दावा
Rahul Gandhi Rally: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और ‘इंडिया’ गठबंधन की महारैली के कारण एक तरफ जहां राजनीतिक सरगर्मी तेज रही, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के व्यापारिक जगत को इससे बड़ा झटका लगा है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दावा किया है कि इस रैली और भारी ट्रैफिक जाम के चलते त्योहारी सीजन में दिल्ली के व्यापारियों को लगभग 12,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कारोबार का नुकसान उठाना पड़ा है।
सेंट्रल दिल्ली के बाजारों में रहा सन्नाटा
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि रामलीला मैदान के आसपास के इलाकों और सेंट्रल दिल्ली के लगभग 20 से 25 प्रमुख ऐतिहासिक बाजार इस रैली से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इन प्रमुख बाजारों में करीब 3 लाख दुकानें हैं, जिनमें से लगभग 80 फीसदी यानी करीब 2.5 लाख दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
रैली और मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भारी भीड़ के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे दूर-दराज से आने वाले ग्राहक, सप्लायर और डीलर बाजारों तक नहीं पहुंच सके।
व्यापारियों ने पहले ही जताई थी चिंता
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि त्योहारों के इस अहम सीजन में इस तरह के बड़े राजनीतिक आयोजनों से कारोबार बुरी तरह प्रभावित होता है। सीटीआई ने रैली से पहले कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपील की थी कि इस मेगा रैली की तारीख को आगे बढ़ाया जाए या इसका स्थान बदला जाए ताकि व्यापारियों को करोड़ों के नुकसान से बचाया जा सके। हालांकि, तमाम अपीलों के बावजूद रैली तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की गई, जिससे कारोबारियों की आशंकाएं सच साबित हुईं।
व्यापारियों में गहरा रोष
कारोबारियों का कहना है कि साल के इस समय में बाजारों में त्योहारी सीजन की सबसे ज्यादा रौनक होती है और बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन रैली के दिन लगे जाम और पाबंदियों के कारण बाजार वीरान नजर आए। व्यापारियों ने राजनीतिक दलों से मांग की है कि भविष्य में राजधानी के मुख्य व्यापारिक केंद्रों के पास ऐसे आयोजनों से बचा जाना चाहिए ताकि आम व्यापारियों और अर्थव्यवस्था को इस तरह के भारी वित्तीय संकट का सामना न करना पड़े।





