
अमरनाथ पहुंचा तीर्थयात्रियों का पहला जत्था, बाबा बर्फानी के किये दर्शन
पवित्र अमरनाथ यात्रा एक बार फिर शुरू हो गया है। अमरनाथ यात्रा आज यानी शनिवार को पहलगाम और बालटाल से शुरू हुई। बता दें कि अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था शुक्रवार को कश्मीर पहुंचा।
Amarnath Yatra: सनातन धर्म में अमरनाथ यात्रा का बेहद खास महत्व बताया गया है। यह तीर्थ स्थान सबसे पवित्र माना जाता है। जम्मू के बेस कैंप से यात्रियों का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से तड़के 4 बजे पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से झंडा दिखाकर तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। शंखनाद और “बम बम भोले”, “जय बाबा बर्फानी” और “हर हर महादेव” के नारों के बीच, तीर्थयात्री सीआरपीएफ कर्मियों की सुरक्षा में 231 वाहनों के काफिले में कश्मीर के दो आधार शिविरों के लिए रवाना हुए।
2 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
यात्रा पर आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए इस बार 2 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। हर रोज 15 हजार यात्रियों को बाबा बर्फानी के दर्शन करने की इजाजत दी गई है। यात्रा को ध्यान में रखते हुए महादेव के दरबार को काफी अच्छे से सजाया गया है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। यात्रियों के खाने-पीने से लेकर अन्य सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। बेस कैंप पर यात्रियों के लिए बिस्तर से लेकर उनकी सुरक्षा की भी पूरी तैयारी की गई।
#WATCH | J&K: A large number of pilgrims en route from Baltal to Holy Amarnath cave. pic.twitter.com/u9hdwn7c95
— ANI (@ANI) June 29, 2024
कब से कब तक है अमरनाथ यात्रा
हर साल Amarnath Yatra की शुरुआत आषाढ़ माह से होती है, जिसका समापन रक्षाबंधन पर होती है। ऐसे में इस साल अमरनाथ यात्रा का आरंभ आज यानी 29 जून से हो गया है और 19 अगस्त को समाप्त होगी।
समुद्र तल से 3978 मीटर की ऊंचाई पर अमरनाथ गुफा में शिव जी की शिवलिंग स्थित है। पवित्र गुफा 90 फीट लंबी और 150 फीट ऊंची है। ऐसी मान्यता है कि गुफा में जल की बूंद टपकती है, जिसकी वजह से शिवलिंग बनता है। चंद्रमा के घटने बढ़ने के साथ बर्फ से बने शिवलिंग के आकार में परिवर्तन होता है और अमावस्या तक शिवलिंग धीरे-धीरे छोटा होता जाता है।





