
CA की मौत पर शशि थरूर का बयान, वर्कप्लेस पर फिक्स हों वर्किंग आवर
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने E&Y कर्मचारी अन्ना सेबस्टियन की मौत पर कार्य स्थलों में अमानवीयता के बारे में बात की है। शशि थरूर ने संसद में इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दिया है।
हाल ही में एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में काम केअत्यधिक दबाव के कारण एक CA की मौत के मामले में कार्यस्थलों पर बेहतर वातावरण को बनाए रखने पर चर्चा तेज हो गई है। अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया (Ernst and Young India) में काम करने वाली 26 वर्षीय अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल (Anna Sebastian Perayil) की मां, अनीता ऑगस्टीन ने एक खुला पत्र लिखा था, जिससे इस घटना पर बहस छिड़ गई। इसके बाद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने अन्ना के पिता सिबी जोसेफ से फोन पर बात की और सभी कार्यस्थलों के लिए एक निश्चित समयसीमा तय करने वाले कानून की आवश्यकता पर सहमति जताई।
शशि थरूर ने शेयर किया पोस्ट
थरूर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “मैंने युवा अन्ना सेबेस्टियन के पिता सिबी जोसेफ से एक बेहद भावुक और दिल दहला देने वाली बातचीत की। अन्ना का निधन हार्ट अटैक से हुआ, जो अर्न्स्ट एंड यंग में चार महीने तक लगातार 14 घंटे प्रतिदिन के तनावपूर्ण काम और सात-दिन के सप्ताह के बाद हुआ था। उनके पिता ने सुझाव दिया, और मैंने सहमति जताई, कि मैं संसद में सभी कार्यस्थलों के लिए एक निश्चित कार्यकाल का मुद्दा उठाऊं, चाहे वह निजी क्षेत्र हो या सरकारी। यह कार्यकाल सप्ताह में पांच दिन और प्रतिदिन आठ घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए।”
Had a deeply emotional and heartrending conversation with Shri Sibi Joseph, the father of young Anna Sebastian, who passed away after a cardiac arrest, following four months of deeply stressful seven-day weeks of 14 hours a day at Ernst&Young. He suggested, and I agreed, that I…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) September 20, 2024
मृतक की मां ने उठाए सवाल
एन्ना की मां अनीता ऑगस्टाइन ने EY इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी को पत्र लिखकर कंपनी में काम के ज्यादा घंटों के महिमामंडन पर सवाल उठाए हैं। थरूर ने एन्ना के पिता सिबी जोसेफ से भी बात की और संसद में इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दिया है। ईवाई ने इस घटना पर दुख जताया है और कहा है कि वह परिवार के संपर्क में है।
केंद्र ने गुरुवार को ऑडिट और टैक्स फर्म में “असुरक्षित और शोषणकारी कार्य वातावरण” के आरोपों की जांच शुरू की। इस बीच, फर्म ने आरोपों से इनकार किया है और फर्म के कार्य वातावरण को स्वस्थ बनाने के लिए कदम उठाने का वादा किया है।





