
Gaza Ceasefire: 471 दिन बाद मौत के चंगुल से निकलीं 3 महिलाएं, IDF ने जारी की तस्वीरें
Hamas frees 3 hostages: गाजा में युद्धविराम होने के बाद रविवार को एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला। माथे पर हरा पट्टा, हाथ में बंदूक, ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारों के बीच हमास ने तीन इजरायली महिला बंधकों को रिहा किया।
यह खबर जैसे ही इजरायल में पहुंची, पूरा देश खुशी में रोने लगा, अपने बहादुर बेटियों के लिए इजरायल में स्वागत की तैयारियां होने लगी. बंधकों का परिवार कितना खुश होगा, ये सिर्फ कल्पनाएं की जा सकती हैं.
इजराइल पहुंचीं महिला बंधक
गाजा से रिहा की गई पहली तीन महिला बंधक इजराइल पहुंच गई हैं. इजराइल की सेना ने रविवार को यह घोषणा की. इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम के कुछ घंटों बाद इन बंधकों को रिहा किया. बंधकों की माताएं उनसे मिलने का इंतजार कर रही थीं. वीडियो फुटेज में रिहा की गई महिला बंधकों को ले जाते हुए देखा गया. उनके चारों तरफ बड़ी भीड़ थी, जिनमें से कई लोगों ने अपने फोन पकड़ रखे थे और वीडियो बना रहे थे. वाहनों के साथ हथियारबंद लोग थे, जिन्होंने हरे रंग की हमास की हेडबैंड पहन रखी थी और वे हजारों की संख्या में पहुंची अनियंत्रित भीड़ से कारों की रक्षा करने के लिए मशक्कत कर रहे थे.

यादगार के तौर पर दिया ये गिफ्ट
आईडीएफ की ओर जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि हमास ने रेड क्रॉस को सौंपे जाने से पहले बंधकों को ‘गिफ्ट बैग’ भी दिए। हमास की ओर से दिए गए इन बैग में हमास की कैद के दौरान की उनकी कुछ तस्वीरें और एक मोमेंटो शामिल है। हमास ने कथित तौर पर तीनों महिलाओं को गाजा में बिताए उनके वक्त की यादगार के तौर पर ये गिफ्ट दिया है। रविवार को गाजा से इजरायल आने वाल तीन महिलाएं- 24 साल की रोमी गोनेन, 28 साल की एमिली डमारी और 31 साल की डोरोन स्टीनब्रेचर हैं। हमास लड़ाकों ने तीनों को पश्चिमी गाजा शहर के अल-रिमल पड़ोस में अल-सरया स्क्वायर में रेड क्रॉस को सौंपा।

घर लौटने पर ली राहत की सांस
इजरायल लौटने के बाद तीनों महिलाओं ने अपने परिवार के सदस्यों को गले लगाया। हमास की कैद से इजरायल लौटी तीनों महिलाओं ने राहत की सांस ली है। एमिली की मां ने अपने बयान में कहा कि 471 दिनों बाद बेटी के घर आने से वह खुश हैं। डोरोन और रोमी के परिवार ने भी युद्ध विराम समझौते में शामिल सभी पक्षों को धन्यवाद दिया है।

घर वालों के छलके आंसू
हमास की ओर से 471 दिनों तक बंधक बनाए रखी गईं तीन महिलाएं जब छूटकर अपने घर पहुंचीं तो घरवालों के आंसू छलक पड़े। रिहा होने वालीं तीन इस्राइली महिलाओं में एक बेटी भी है, जिसे नृत्य करने में सबसे ज्यादा खुशी होती है। 24 साल की रोमी गोनेन की यही खुशी 7 अक्तूबर, 2023 को गम और खौफ में बदल गई। वह इस खौफनाक दिन हमास के हमले के दौरान नोवा उत्सव से भागने के दौरान बंधक बना ली गई थीं।

एमिली के घर पहुंचने पर रो पड़ी मां
28 वर्षिय एमिली दामरी हमास ने किबुत्ज केफर अजा से बंधक बनाया था। रविवार को जब उनकी रिहाई हुई,तो परिवार के एक करीबी सूत्र ने कहा कि उनके लिए 471 दिन बहुत कष्टदायक रहे, पर उससे भी अधिक उनकी रिहाई के 24 घंटे का इंतजार कष्टदायक रहा। घर पहुंचने पर एमिली को गले लगाकर उनकी मांं मैंडी रो पड़ीं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि बेटी घर आ गई है।






