China में फिर कांपी धरती, 6.3 तीव्रता के भूकंप के बाद राहत अभियान तेज…

Earthquake in China: चीन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित किंगहाई प्रांत मंगलवार शाम अचानक आए शक्तिशाली भूकंप से दहल उठा। रिक्टर स्केल पर 6.3 तीव्रता वाले इस भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। भूकंप का केंद्र हैक्सी मंगोल एवं तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित बताया गया। मुख्य झटके के बाद करीब 40 मिनट के भीतर आठ बार धरती कांपी, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। राहत और बचाव एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर प्रभावित क्षेत्रों में भेज दिया गया है। हालांकि शुरुआती आकलन में बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

शाम के समय महसूस हुए तेज झटके
भूकंप मंगलवार शाम उस समय आया जब अधिकांश लोग अपने घरों या कार्यस्थलों पर मौजूद थे। अचानक धरती हिलने से लोग घबराकर घरों, कार्यालयों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर लोगों ने खुले मैदानों और सड़कों पर शरण ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें हिलने लगीं और घरों में रखे सामान गिर गए। भूकंप के बाद लगातार आने वाले आफ्टरशॉक्स ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी।

40 मिनट में आठ झटकों ने बढ़ाई दहशत
भूकंप विज्ञानियों के अनुसार मुख्य झटके के बाद लगभग 40 मिनट के भीतर आठ बार आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए। इनमें से कुछ झटकों की तीव्रता 5.0 के आसपास दर्ज की गई।

लगातार झटकों के कारण प्रशासन ने लोगों को एहतियात के तौर पर खुले स्थानों पर रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े भूकंप के बाद कुछ समय तक आफ्टरशॉक्स आना सामान्य प्रक्रिया है।

पर्वतीय और कम आबादी वाला क्षेत्र
भूकंप का केंद्र जिस हैक्सी क्षेत्र में था, वह अपेक्षाकृत कम आबादी वाला पर्वतीय इलाका माना जाता है। यही वजह है कि बड़े पैमाने पर जनहानि और व्यापक विनाश की आशंका कम रही। हालांकि कुछ ग्रामीण इलाकों में मकानों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की रिपोर्टें सामने आ रही हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए राहत दलों को तैनात किया गया है।

राहत एवं बचाव अभियान शुरू
भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय सरकार, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया। बचावकर्मियों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

अधिकारियों ने अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। दूरदराज के इलाकों में संचार व्यवस्था और सड़क मार्गों की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है।

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चीन में भूकंप का खतरा क्यों रहता है?
चीन दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। इसका प्रमुख कारण देश का कई सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के प्रभाव क्षेत्र में स्थित होना है। विशेष रूप से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी चीन के पर्वतीय क्षेत्रों में समय-समय पर मध्यम से लेकर तीव्र भूकंप आते रहते हैं।

किंगहाई और तिब्बत क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं, जहां पहले भी कई विनाशकारी भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।

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विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य झटके के बाद कुछ दिनों तक छोटे-बड़े आफ्टरशॉक्स आने की संभावना बनी रहती है। इसलिए स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल राहत की बात यह है कि भूकंप अपेक्षाकृत कम आबादी वाले क्षेत्र में आया, जिससे संभावित नुकसान सीमित रहा। हालांकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने का काम जारी है।

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