PM का पूर्वांचल दौरा: भाजपा के लिए बहुत उपयोगी हो गए हैं MLC ए.के. शर्मा

MLC AK sharma in KASHI

लखनऊ। उप्र भाजपा के उपाध्यक्ष व एमएलसी ए.के. शर्मा ने जब एक वर्ष पूर्व वरिष्ठ आइएएस पद से समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी तभी से वह चर्चा के केंद्रबिंदु में रहे हैं।

ए.के. शर्मा के चर्चा में बने रहने के वैसे तो कई कारण है, जैसे उनकी कार्यशैली, उनका मृदुल व्यवहार, समस्याओं को गहराई से समझने का क्षमता आदि-आदि लेकिन जो बात उन्हें सबसे ख़ास बना पाई, वह है पीएम मोदी से उनके नजदीकी रिश्ते।

ए.के. शर्मा गुजरात कैडर के ऐसे आइएएस अधिकारी रहे हैं जिसका साथ नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक बहुत ही करीबी रहा है।

ए.के. शर्मा नरेंद्र मोदी के राजनैतिक फलक पर उदय के सिर्फ साक्षी ही नहीं रहे बल्कि कहा तो यहां तक जाता है कि नरेंद्र मोदी को उभारने वाली तमाम योजनाओं व कार्यक्रमों के मुख्य योजनाकार ए.के. शर्मा ही रहे हैं।

इसीलिए जब ए.के. शर्मा दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्ति लेकर भाजपा में शामिल हुए तभी लग गया था कि पीएम मोदी ने अपने इस खास सिपहसालार को बड़े राजनितिक उद्देश्य के साथ उप्र भेजा है और इसकी बानगी दिखाई दी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान।

कोरोना की दूसरी लहर में ए.के. शर्मा ने पीएम मोदी के निर्देश पर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी को केंद्र बनाकर पूर्वांचल के कई जिलों में कोरोना के खिलाफ सफल जंग लड़ी। उनके कोरोना के काशी मॉडल की प्रशंसा स्वयं पीएम मोदी ने की।

कोरोना की दूसरी लहर मंद पड़ेने के साथ ही ए.के. शर्मा ने पूरे प्रदेश का दौरा करना शुरू किया। पश्चिमी उप्र से लेकर पूर्वांचल तक ए.के. शर्मा के इस राजनैतिक दौरे में नौजवान, किसान, व्यापारी, महिलाएं, प्रबुद्ध वर्ग सहित सर्व समाज उनसे जुड़ा और कहीं न कहीं उनकी कार्यशैली से प्रभावित भी हुआ। 

अब चूंकि ए.के. शर्मा पूर्वांचल के मऊ जनपद के मूल निवासी हैं, इलाहाबाद विवि से पढाई किए हैं तो ऐसे में चुनाव के दौरान उनका सर्वाधिक उपयोग इन्ही क्षेत्रों में होना स्वाभाविक था। 

अपने सेवाकाल के दौरान ए.के. शर्मा ने क्षेत्र वासियों के तमाम कार्य करवाएं हैं, इसी के मद्देनज़र भाजपा उनका पूरा इस्तेमाल इस क्षेत्र में करना चाहती है।   

प्रधानमंत्री के पूर्वांचल दौरे के समय उनको महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी दिया जाना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। जातिगत राजनीति के इस दौर में ए.के. शर्मा का प्रभाव अपने बिरादरी (भूमिहार ब्राह्मण समाज) के साथ साथ सभी वर्ग में नजर आती है।

उसका सबसे बड़ा कारण है समस्याओं को बारीकी से समझकर उनका यथासंभव निदान निकाल देने की ए.के. शर्मा की खूबी और शायद इसी खूबी को भांपकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा ए.के. शर्मा को अपने साथ रखा।

इसी क्रम में एमएलसी व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ए.के. शर्मा ने केंद्र व प्रदेश नेतृत्त्व के निर्देश पर अपना चुनावी दौरा प्रारम्भ कर दिया। ए.के. शर्मा ने वाराणसी में भाजपा को मज़बूत प्रदान करने के प्रयास में कार्यकर्ताओं से मिलने उनके घर तक गए।

पिछले दो दिन वाराणसी शहर की तीन विधान सभाओं में जन सम्पर्क करने के बाद ए.के. शर्मा आज ग्रामीण क्षेत्र की विधान सभा रोहनिया में पूरे दिन अनेक कार्यक्रम आयोजित कर जन सम्पर्क किया।

ए.के. शर्मा ने सबसे पहले रोहनिया विधान सभा क्षेत्र में आयोजित अराजी लाइन और विद्यापीठ ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत सदस्यों के बड़े सम्मेलन को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अगर विकास करना है तो भाजपा, उसके सहयोगी दल और पीएम मोदी के हाथों को मज़बूत करना होगा। तत्पश्चात इसी विधानसभा में स्थित भाजपा के क्षेत्रीय एवं ज़िला कार्यालय पर गए।

जहां अन्य पदाधिकारियों के अतिरिक्त रोहनिया विधान सभा क्षेत्र में कार्यरत मार्गदर्शकों और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या से मुलाक़ात कर उनका उत्साह बढ़ाया और उनसे जी जान से जुट जाने को कहा।

भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने के क्रम में एक नयी पहल करते हुए ए.के. शर्मा रोहनिया विधानसभा के कर्दमेश्वर क्षेत्र में एक सामान्य कार्यकर्ता के घर गए।

उन्होंने कहा कि एक शक्ति केन्द्र के संयोजक अनिल सिंह के आवास पर क्षेत्र के अन्य मण्डल एवं बूथ अध्यक्षों तथा स्थानीय लोगों से हुई यह मुलाक़ात हमेशा याद रहेगी।

ए.के. शर्मा ने सायंकाल इसी क्षेत्र में ग्राम प्रधानों के बड़े सम्मेलन को भी सम्बोधित किया। देर शाम वो रोहनिया के निवर्तमान विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह के घर शुभेच्छा मुलाक़ात के लिए गए।

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