PDA बनाम OBC की सियासत तेज, अमरपाल मौर्य ने सपा को दी चुनौती

Lucknow: लखनऊ में अमरपाल मौर्य का जोरदार स्वागत, 2027 से पहले सियासी पारा चढ़ा
लखनऊ। भाजपा के नवनियुक्त OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के लखनऊ पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। उनके स्वागत के लिए राजधानी में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यक्रमों में पहुंचे। अमरपाल मौर्य के 26 अगस्त को लखनऊ आगमन को लेकर भाजपा OBC मोर्चा की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं।

लखनऊ पहुंचने के बाद अमरपाल मौर्य ने कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए भाजपा संगठन की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को पार्टी में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलना भाजपा में ही संभव है। उनके इस बयान को पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संगठन की भूमिका को रेखांकित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

PDA को लेकर सपा पर निशाना
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमरपाल मौर्य ने समाजवादी पार्टी के PDA समीकरण पर भी निशाना साधा। उन्होंने 2017 और 2022 के चुनावों का जिक्र करते हुए सपा पर तीखा हमला किया और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया।
मौर्य ने कहा कि “2017 में सपा को दफनाया, 2022 में गंगा में सिरवाया और 2027 में गया जी जाकर पिंडदान करेंगे।” उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

OBC समाज को लेकर बड़ा दावा
अमरपाल मौर्य ने पिछड़े समाज को लेकर भाजपा के समर्थन का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक पिछड़ा समाज मजबूती से भाजपा के साथ खड़ा रहेगा। OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनकी नियुक्ति को पार्टी की पिछड़ा वर्ग केंद्रित राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा OBC मोर्चा से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट में भी लखनऊ में अमरपाल मौर्य के स्वागत और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई है।

2027 से पहले सियासी संदेश
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच चुनावी तैयारियां और बयानबाजी तेज होती जा रही है। ऐसे में अमरपाल मौर्य का OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सक्रिय होना और लखनऊ में उनके तीखे राजनीतिक बयान आने वाले चुनाव में पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की अहमियत को रेखांकित करते हैं।
मौर्य के बयान से साफ है कि भाजपा आगामी चुनाव में OBC मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के PDA समीकरण को भी सीधे चुनौती देने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि सपा की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और 2027 की चुनावी जंग में यह सियासी जुबानी जंग किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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