राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में SIT का बड़ा एक्शन, चंपत राय से बंद कमरे में पूछताछ

Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर में दान राशि की चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों पर गठित तीन सदस्यीय SIT ने बड़ा एक्शन लिया है। SIT ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ की है।

Ayodhya News: भव्य राम मंदिर में रामलला को भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में हुई कथित चोरी का मामला अब गरमाता जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। बुधवार को एसआईटी (SIT) की टीम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के प्रशासक गोपाल राव से गहन पूछताछ की।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने न केवल इन बड़े पदाधिकारियों से सवाल-जवाब किए, बल्कि राम जन्मभूमि परिसर में रखी दान पेटियों (Donation Boxes) की भौतिक जांच और रिकॉर्ड को भी खंगाला।

बंद कमरे में अलग-अलग हुई पूछताछ

लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी टीम बुधवार को पूरे दिन राम जन्मभूमि परिसर में डटी रही।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने चंपत राय और गोपाल राव से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों को भी बातचीत से दूर रखा गया। जांच टीम ने परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही दान राशि की गिनती करने वाले और ट्रस्ट का वित्तीय रिकॉर्ड रखने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।

ये भी पढ़े-‘सपा के कई सांसद BJP में जाएंगे’—राजभर के दावे से यूपी की राजनीति में हलचल

सोने-चांदी के आभूषण वाले कमरे का निरीक्षण

एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पंत ने रामलला के गर्भगृह के सामने भूतल (Ground Floor) पर स्थित उस खास कमरे का भी बारीकी से निरीक्षण किया, जहां भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषण और अन्य कीमती धातुएं सुरक्षित रखी जाती हैं। इस दौरान उस कमरे की सुरक्षा और जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के कर्मचारी कृष्णदेव तिवारी से भी लंबी पूछताछ की गई।

एसआईटी को जांच के दौरान पता चला कि ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और एक संग्रह एजेंसी (Collection Agency) के करीब 40 कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करते हुए रोजाना दान पेटियों से निकलने वाली नकदी की गिनती करते हैं।

ये भी पढ़े-UP news: ‘ड्यूटी पर नो रील; सिस्टम पर उठते हैं सवाल’, पुलिस के जवानों को CM योगी की नसीहत

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला 7 जून को तब गरमाया था, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया था कि राम मंदिर को दान में मिले करोड़ों रुपये गायब हैं। उन्होंने अदालत से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की अपील की थी।

इसके बाद, विपक्षी दलों और हिंदू संगठनों के बढ़ते दबाव के बीच खुद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और राम मंदिर की छवि खराब करने वाले तत्वों का पता लगाने का अनुरोध किया था। ट्रस्ट की मांग पर योगी सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।

ये भी पढ़े- UP News: लखनऊ से लेकर अमेठी तक CBI की रेड, यूपी शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

Back to top button