
यूपी बोर्ड का बड़ा एक्शन, यूपी के सैकड़ों स्कूलों की मान्यता रद्द
UP News: यूपी बोर्ड (UPMSP) ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी है। सचिव भगवती सिंह ने आदेश जारी कर बताया है।
UP Board News In Hindi: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने राज्य के शिक्षा विभाग में व्यवस्था सुधार को लेकर एक बेहद सख्त कदम उठाया है। बोर्ड ने प्रदेश भर के 465 मान्यता प्राप्त (सेल्फ-फाइनेंस) विद्यालयों की मान्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। बोर्ड की इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रदेश के कई शिक्षा माफियाओं और डमी स्कूलों के संचालकों में हड़कंप मच गया है।
क्यों गिरती है स्कूलों पर गाज?
यूपी बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन 465 विद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है, वहां पिछले दो लगातार शैक्षणिक सत्रों (2024-25 और 2025-26) के दौरान एक भी छात्र हाईस्कूल (10वीं) या इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।
बोर्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, बंद होने वाले इन 465 स्कूलों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
| विवरण (स्कूल का प्रकार) | कुल संख्या | मुख्य प्रभावित क्षेत्र (क्षेत्रीय कार्यालय) |
| हाईस्कूल (10वीं स्तर) | 306 स्कूल (53 बालिकाओं के, 253 सह-शिक्षा) | प्रयागराज: 150 विद्यालय |
| इंटरमीडिएट (12वीं स्तर) | 159 स्कूल (41 बालिकाओं के, 118 सह-शिक्षा) |
वाराणसी: 142 विद्यालय
मेरठ: 102 विद्यालय |
| कुल कार्रवाई | 465 विद्यालय | गोरखपुर: 37 | बरेली: 34 विद्यालय |
नोट: इसके अलावा जिला स्तर पर गाजीपुर में सबसे ज्यादा 47 स्कूलों पर यह कार्रवाई हुई है, जबकि लखनऊ के 15 और हरदोई के 14 स्कूल इसमें शामिल हैं।
इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम: अधिनियम के नियमों (विनियम 11(d)) के तहत उत्तर प्रदेश में किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय के लिए नियमित तौर पर कक्षाएं चलाना और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य है। यदि कोई स्कूल लगातार दो वर्षों तक बोर्ड परीक्षा में शून्य छात्र भेजता है या वहां शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहती हैं, तो उसकी मान्यता ‘स्वतः समाप्त’ (Automatically Terminated) मानी जाती है।
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सचिव भगवती सिंह ने क्या कहा?
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। यह नियम केवल नए खुले स्वतंत्र स्कूलों या पूर्ण मान्यता वाले संस्थानों पर लागू होता है। यदि किसी पहले से चल रहे स्कूल में कोई अतिरिक्त वैकल्पिक विषय या केवल वन-टाइम क्लास जोड़ी गई थी, तो उस पर यह स्वतः समाप्ति का नियम लागू नहीं होगा।
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बोर्ड ने सभी प्रभावित स्कूलों की सूची सार्वजनिक कर दी है और संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को आगे की आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं।
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