बीमा क्लेम के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा… UP Police में एक साथ कई अफसर निलंबित

UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस में एक बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। पूर्वांचल के बहराइच, गोंडा और श्रावस्ती जिलों में सड़क हादसों की विवेचना के दौरान व्यापक स्तर पर धांधली सामने आई है। इस मामले में एक साथ कई दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कुछ इंस्पेक्टरों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।

सड़क हादसों की विवेचना में फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि कई विवेचक सड़क दुर्घटना के मामलों में फर्जी वाहन और फर्जी चालकों को पेश कर रहे थे। इतना ही नहीं, बीमा कंपनियों से मुआवजा दिलाने के नाम पर वास्तविक हादसों की सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा था।
आरोप है कि असली वाहन और चालक को बचाने के लिए केस डायरी में जानबूझकर गलत तथ्यों को शामिल किया गया।

बीमा क्लेम के नाम पर बड़ा खेल
सूत्रों के अनुसार, विवेचक बीमा कंपनियों से मोटा क्लेम पास कराने के लिए दुर्घटनाओं की प्रकृति, वाहन की भूमिका और चालक की पहचान तक बदल देते थे। इससे न सिर्फ बीमा कंपनियों को नुकसान हो रहा था, बल्कि कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए।

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IG के निर्देश पर हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी स्तर से विशेष जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की गई।

आईजी ने साफ कहा है कि विवेचना में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कई दरोगा सस्पेंड, इंस्पेक्टर भी रडार पर
जांच रिपोर्ट के आधार पर कई सब-इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ इंस्पेक्टरों को भी जिम्मेदारी से हटाया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

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पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पूर्वांचल के कई जिलों में विवेचना से जुड़े मामलों की दोबारा री-स्क्रूटनी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी इसी तरह की गड़बड़ियां तो नहीं हुई हैं।

विभाग का कड़ा संदेश
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि यदि कानून के रखवाले ही कानून से खिलवाड़ करेंगे, तो उनके खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई होगी।
अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर निलंबन के साथ-साथ एफआईआर और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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