BJP @47: ‘अटल’ बीज मंत्र से बहुमत तक, 10 फैसलों ने बदला सियासी खेल

BJP 47th Foundation Day: भारतीय राजनीति में आज एक ऐतिहासिक पड़ाव है। Bharatiya Janata Party (BJP) अपने स्थापना के 47वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। 6 अप्रैल 1980 को बनी यह पार्टी आज न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में स्थापित हो चुकी है।

हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। इसकी जड़ें Bharatiya Jana Sangh में मिलती हैं, जिसकी स्थापना 21 अक्टूबर 1951 को Syama Prasad Mukherjee ने की थी।

जनसंघ से बीजेपी तक का सफर
1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ ने 3 सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 1967 तक यह संख्या बढ़कर 35 हो गई और कई राज्यों में विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकारें भी बनीं।

लेकिन The Emergency (आपातकाल) के दौरान 1975-77 में जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हो गया। बाद में “दोहरी सदस्यता” विवाद के चलते अलग होकर 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ।

इस नई पार्टी की नींव Atal Bihari Vajpayee और Lal Krishna Advani ने रखी। वाजपेयी का प्रसिद्ध वाक्य—

“अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा”

पार्टी का प्रेरणादायक बीज मंत्र बन गया।

बीजेपी के 10 बड़े टर्निंग पॉइंट
1. 1980: गठन और वैचारिक आधार

बीजेपी ने “गांधीवादी समाजवाद” के साथ अपनी नई राजनीतिक पहचान बनाई।

2. 1984: दो सीटों तक सिमटना

1984 Indian general election में केवल 2 सीटें जीतकर पार्टी ने सबसे बड़ा झटका झेला, लेकिन यही उसका पुनर्निर्माण का आधार बना।

3. 1989: पालमपुर प्रस्ताव

राम जन्मभूमि आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय, जिसने पार्टी की वैचारिक दिशा स्पष्ट की।

4. 1990: आडवाणी की रथ यात्रा

Lal Krishna Advani की रथ यात्रा ने बीजेपी को जन-जन तक पहुंचाया।

5. 1998-99: NDA सरकार

National Democratic Alliance के साथ मिलकर केंद्र में स्थिर सरकार बनी और Atal Bihari Vajpayee प्रधानमंत्री बने।

6. 2004: सत्ता से बाहर

“इंडिया शाइनिंग” के बावजूद हार ने पार्टी को रणनीति बदलने पर मजबूर किया।

7. 2014: मोदी युग का उदय

Narendra Modi के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी—यह बीजेपी का सबसे बड़ा राजनीतिक उभार था।

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8. 2019: और मजबूत जनादेश

बीजेपी ने पहले से ज्यादा सीटें जीतकर अपना वर्चस्व और मजबूत किया।

9. बड़े वैचारिक फैसले

Abrogation of Article 370 और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर निर्णायक कदम।

10. 2024: तीसरी बार सत्ता

लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाकर बीजेपी ने भारतीय राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।

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आज का दौर… बीजेपी का वर्चस्व
आज Bharatiya Janata Party देश के अधिकांश हिस्सों में सत्ता में है। विपक्ष बिखरा हुआ नजर आता है और बीजेपी का दबदबा अपने चरम पर है। एक समय ऐसा था जब अन्य दल बीजेपी से दूरी बनाते थे, लेकिन आज वही पार्टी भारतीय राजनीति की धुरी बन चुकी है।

जनसंघ से शुरू हुई यह यात्रा आज एक वैश्विक राजनीतिक ताकत में बदल चुकी है। Bharatiya Janata Party का यह 46 साल का सफर संघर्ष, विचारधारा, नेतृत्व और रणनीति का बेहतरीन उदाहरण है—जिसने भारतीय राजनीति की दिशा ही बदल दी।

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