
Stock Market: ईरान-US तनाव की आग में झुलसा बाजार, खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम
Stock Market Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। सोमवार को सेंसेक्स 476 अंक और निफ्टी 134 अंक की गिरावट के साथ खुले।
Stock Market Today: आज ,14 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 526.35 अंक (0.68%) का गोता लगाकर 77,090.05 पर खुला, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 142.70 अंक (0.59%) टूटकर 24,100 के स्तर से नीचे 24,068.30 पर आ गया. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी का असर शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है.
एशियाई बाजार
मंगलवार को एशिया-प्रशांत (एशिया-पैसिफिक) के प्रमुख शेयर बाजारों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.17% टूट गया जबकि टॉपिक्स (Topix) में 0.51% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 2.01% लुढ़क गया, जबकि स्मॉल-कैप शेयरों का सूचकांक कोसडैक (Kosdaq) 1.8% नीचे कारोबार करता दिखा।
टॉप लूजर्स की लिस्ट
बाजार में बिकवाली का दबाव ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर पर सबसे ज्यादा रहा. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1% से ज्यादा की गिरावट देखी गई. वहीं, ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी करीब 1% की कमजोरी रही. अगर शेयरों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी (L&T), एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे.
किन सेक्टरों में ज्यादा बिकवाली?
आज के शुरुआती कारोबार में आईटी, ऑटो, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला. 16 में से 15 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे. हालांकि, गिरावट केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की कमजोरी रही. निफ्टी मिडकैप 100 में 0.21 फीसदी की गिरावट आई है. निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.41 फीसदी और निफ्टी 500 में 0.32 फीसदी की गिरावट है.
आज किन शेयरों पर रहेगी नजर?
आज के कारोबार में टाटा एलेक्सी, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, बायोकॉन और स्पाइसजेट जैसे शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं.
अमेरिका-ईरान तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगे क्रूड से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता ने बाजार पर दबाव बनाया है





