
Stock Market: खुलते ही धड़ाम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल
Stock Market Updates: सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर खुले. इस दौरान सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंकों के नुकसान के साथ कारोबार की शुरुआत की.
Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स करीब 800 अंक और निफ्टी 250 अंक से ज्यादा टूट गया. बाजार पर दबाव की अहम वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये की कमजोरी और वैश्विक बाजारों में बिकवाली रही. लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली है और बाजार में डर का माहौल देखा जा रहा है.
सेंसेक्स, निफ्टी और रुपये का ताजा हाल
बाजार में सुबह से ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।
- सेंसेक्स: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स कारोबार के दौरान 700 से अधिक अंक तक लुढ़क गया। उसके बाद यह 645.51 अंकों (-0.86%) की गिरावट के साथ 73,597.83 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
- निफ्टी: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 199.80 अंक (-0.86%) टूटकर 23,166.90 पर आ गया। भारी बिकवाली के कारण निफ्टी एक समय 23,150 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे फिसल गया था।
ईरान-इजरायल तनाव बना बड़ी वजह
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ईरान के ताजा मिसाइल हमलों के बाद वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। इसका असर दुनियाभर के बाजारों पर दिखाई दे रहा है। निवेशकों को डर है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते शेयर बाजारों में बिकवाली बढ़ी और जोखिम वाली संपत्तियों से निवेशक दूरी बनाते नजर आए।
कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी जोरदार उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.16 प्रतिशत बढ़कर 92.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 2.35 प्रतिशत चढ़कर 95.28 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगे तेल का असर अर्थव्यवस्था और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक सतर्क नजर आए।
एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली
भारतीय बाजार पर एशियाई शेयर बाजारों की कमजोरी का भी असर पड़ा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 8 प्रतिशत से अधिक टूट गया, जबकि जापान का निक्केई करीब 2,780 अंक गिरकर 63,804 के स्तर पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी 1.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। एशिया के प्रमुख बाजारों में इतनी बड़ी गिरावट ने भारतीय निवेशकों का भरोसा कमजोर किया, जिससे घरेलू बाजार में भी बिकवाली बढ़ गई।




